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Sultanpur News: निजी वाहनों में ठूंस कर ढोए जा रहे स्कूली बच्चे

Sat, 11 Apr 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Sat, 11 Apr 2026 11:48 PM IST
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Sports Boost Self-Confidence; Daughters Should Compete Resolutely
.रामरती इंटर कॉलेज द्वारिकागंज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौ
सुल्तानपुर। जिले के करीब 320 विद्यालयों में लगभग 60 हजार बच्चे रोजाना स्कूल आते-जाते हैं। इनके लिए 1423 अधिकृत स्कूली बसें संचालित हैं, लेकिन इसके बावजूद पांच हजार से अधिक बच्चे निजी वाहनों के भरोसे सफर करने को मजबूर हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से शनिवार को की गई पड़ताल में ग्रामीण क्षेत्रों में निजी टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाते दिखे। कई वाहनों की फिटनेस अवधि भी समाप्त हो चुकी है, फिर भी फर्राटा भर रहे हैं। मोतिगरपुर और कादीपुर जैसे क्षेत्रों में हालात और भी चिंताजनक हैं, जहां एक छोटे टेंपो में 10-15 बच्चों को बैठाकर स्कूल पहुंचाया जा रहा है।
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केस-1
कादीपुर में टेंपो बना स्कूल बस
कादीपुर क्षेत्र में स्कूली बच्चों के लिए टेंपो का जमकर इस्तेमाल हो रहा है। शनिवार दोपहर साढ़े 12 बजे स्कूल की छुट्टी होने पर कई टेंपो ऐसे मिले, जिनमें क्षमता से दोगुने बच्चे बैठे थे। छोटे से वाहन में 12 से 15 बच्चों को ठूंसकर बैठाया गया था।
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केस-2
मोतिगरपुर में नियमों की उड़ रहीं धज्जियां
मोतिगरपुर क्षेत्र में भी स्कूली बच्चों की सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। यहां निजी टेंपो और ऑटो में बच्चों को बैठाकर स्कूल ले जाया जा रहा है। शनिवार को भी ऐसे कई वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखे।
इनसेट-
पुराने स्कूली वाहन बढ़ा रहे खतरा
ज्यादातर स्कूली वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं। इसके बावजूद इन वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जाता है। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है, जब बिना लाइसेंस या कम अनुभवी चालक वाहन चलाते हैं। - रंजीत यादव, अभिभावक।
इनसेट-
सुरक्षा उपकरणों की कमी से बढ़ रही जोखिम
अधिकांश स्कूली वाहनों में बुनियादी सुरक्षा इंतजामों का अभाव देखा जा रहा है। सीट बेल्ट, फर्स्ट एड बॉक्स और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं होते, जो किसी आपात स्थिति में बेहद जरूरी हैं। लापरवाही के चलते बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। - राजीव कसौधन, अभिभावक।


स्कूली वाहनों का सत्यापन जारी
स्कूली वाहनों का विवरण यूपीआईएसवीएमपी पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। अब तक 800 गाड़ियों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। शेष बचे वाहनों को भी जल्द पोर्टल पर अपडेट कर दिया जाएगा। स्कूली वाहनों का सत्यापन कराया जा रहा है। - अलका शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन।
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