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सास की हत्या में दामाद को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Wed, 12 Aug 2015 10:36 PM IST
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सुल्तानपुर। तीन वर्ष पूर्व सास की चाकू से गोदकर हत्या करने के मामले में एडीजे प्रथम पीके सिंह ने बुधवार को आरोपी दामाद को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 13 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सह अभियुक्त को बरी कर दिया। मामला कोतवाली नगर के कांशीराम कॉलोनी से जुड़ा है।
शहर के अमहट चौराहे के निकट स्थित कांशीराम कॉलोनी में 17 मई 2012 को छेदी खां की पत्नी मोमिना बानो व उसका बेटा महमूद अली बैठे थे। तभी दोपहर बाद दो बजे मोमिना बानो का दामाद अवसार घोसी अपने बेटे बब्लू घोसी के साथ आया और सास मोमिना बानो से पांच हजार रुपये की मांग करने लगा। आरोप है कि रुपये देने से इंकार करने पर बब्लू घोसी ने मोमिना बानो को पकड़ लिया और अवसार घोसी ने चाकू से गोदकर मोमिना बानो की हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पर मोमिना बानो के बेटे महमूद अली को भी चोटें आई थी।
गुहार पर इकट्ठा हुए लोगों ने अवसार घोसी को पकड़ लिया था, जबकि आरोपी बब्लू घोसी मौके से भाग निकला था। मामले में महमूद अली की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी अवसार घोसी और उसके बेटे बब्लू घोसी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे प्रभारी डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह व रमेशचंद्र सिंह ने घटना को साबित करने के लिए नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। एडीजे प्रथम पीके सिंह ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बुधवार को आरोपी अवसार घोसी को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने सह अभियुक्त बब्लू घोसी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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शहर के अमहट चौराहे के निकट स्थित कांशीराम कॉलोनी में 17 मई 2012 को छेदी खां की पत्नी मोमिना बानो व उसका बेटा महमूद अली बैठे थे। तभी दोपहर बाद दो बजे मोमिना बानो का दामाद अवसार घोसी अपने बेटे बब्लू घोसी के साथ आया और सास मोमिना बानो से पांच हजार रुपये की मांग करने लगा। आरोप है कि रुपये देने से इंकार करने पर बब्लू घोसी ने मोमिना बानो को पकड़ लिया और अवसार घोसी ने चाकू से गोदकर मोमिना बानो की हत्या कर दी। बीच-बचाव करने पर मोमिना बानो के बेटे महमूद अली को भी चोटें आई थी।
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गुहार पर इकट्ठा हुए लोगों ने अवसार घोसी को पकड़ लिया था, जबकि आरोपी बब्लू घोसी मौके से भाग निकला था। मामले में महमूद अली की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी अवसार घोसी और उसके बेटे बब्लू घोसी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे प्रभारी डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह व रमेशचंद्र सिंह ने घटना को साबित करने के लिए नौ गवाहों को कोर्ट में पेश किया। एडीजे प्रथम पीके सिंह ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद बुधवार को आरोपी अवसार घोसी को दोषी मानते हुए सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। कोर्ट ने सह अभियुक्त बब्लू घोसी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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