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16 हजार प्रत्याशियों ने नहीं बताया चुनाव का खर्च
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सुल्तानपुर। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में आय-व्यय का विवरण नहीं दाखिल करने वालों पर अभी तक आयोग की ओर से कोई रोक नहीं लगी है। रोक संबंधी आदेश अभी तक नहीं आने पर चुनाव में अपनी जमानत गंवाने वाले करीब 16 हजार लोग फिर मैदान में अपनी किस्मत आजमा सकते हैं।
हालांकि आय-व्यय के विवरण के साथ आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की करीब एक करोड़ 90 लाख रुपये जमानत राशि वापस की जा चुकी है। शेष राशि आयोग ने जब्त कर ली है।
वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव दो बार में कराए गए थे। एक बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य व दूसरी बार जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य का निर्वाचन हुआ था। चारों पदों के हुए चुनाव में जिले में करीब 22,639 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी।
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इसमें विभिन्न पदों के लिए किस्मत आजमाने वाले करीब 16 हजार उम्मीदवारों ने अपने आय-व्यय का विवरण ही नहीं दाखिल किया। आय-व्यय का विवरण नहीं दाखिल करने पर इन उम्मीदवारों की जमानत राशि आयोग ने जब्त कर ली।
इसके साथ ही विभिन्न पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरे शेष प्रत्याशियों की ओर से निर्धारित समय पर आय-व्यय का विवरण समेत आवेदन करने पर उन्हें दो चरणों में करीब एक करोड़ 90 लाख रुपया जमानत धनराशि की वापसी निर्वाचन विभाग ने कर दी थी।
पिछले चुनाव में 986 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान पद के लिए सर्वाधिक 8809 प्रत्याशी मैैदान में उतरे थे। हालांकि पंचायत चुनाव में जमानत राशि गंवाने वाले प्रत्याशियों पर दोबारा चुनाव लड़ने पर रोक लगाने संबंधी आदेश आयोग की ओर से अभी तक नहीं आया है। ऐसे प्रत्याशियों के दोबारा चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है। निर्वाचन विभाग के मुताबिक अभी तक ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।
आय-व्यय का विवरण दाखिल करना जरूरी
उप निर्वाचन अधिकारी हर्षदेव पांडेय ने बताया कि चुनाव में जमानत राशि वापसी के लिए कुल पड़े मत का पांचवां हिस्सा पाना जरूरी होता है। इससे कम मत मिलने पर राशि जब्त कर ली जाती है। जमानत धनराशि वापसी के लिए आय-व्यय का विवरण निर्धारित समय में दाखिल करना जरूरी होता है।
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हालांकि आय-व्यय के विवरण के साथ आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की करीब एक करोड़ 90 लाख रुपये जमानत राशि वापस की जा चुकी है। शेष राशि आयोग ने जब्त कर ली है।
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वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव दो बार में कराए गए थे। एक बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य व दूसरी बार जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य का निर्वाचन हुआ था। चारों पदों के हुए चुनाव में जिले में करीब 22,639 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी।
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इसमें विभिन्न पदों के लिए किस्मत आजमाने वाले करीब 16 हजार उम्मीदवारों ने अपने आय-व्यय का विवरण ही नहीं दाखिल किया। आय-व्यय का विवरण नहीं दाखिल करने पर इन उम्मीदवारों की जमानत राशि आयोग ने जब्त कर ली।
इसके साथ ही विभिन्न पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरे शेष प्रत्याशियों की ओर से निर्धारित समय पर आय-व्यय का विवरण समेत आवेदन करने पर उन्हें दो चरणों में करीब एक करोड़ 90 लाख रुपया जमानत धनराशि की वापसी निर्वाचन विभाग ने कर दी थी।
पिछले चुनाव में 986 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान पद के लिए सर्वाधिक 8809 प्रत्याशी मैैदान में उतरे थे। हालांकि पंचायत चुनाव में जमानत राशि गंवाने वाले प्रत्याशियों पर दोबारा चुनाव लड़ने पर रोक लगाने संबंधी आदेश आयोग की ओर से अभी तक नहीं आया है। ऐसे प्रत्याशियों के दोबारा चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हो गया है। निर्वाचन विभाग के मुताबिक अभी तक ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।
आय-व्यय का विवरण दाखिल करना जरूरी
उप निर्वाचन अधिकारी हर्षदेव पांडेय ने बताया कि चुनाव में जमानत राशि वापसी के लिए कुल पड़े मत का पांचवां हिस्सा पाना जरूरी होता है। इससे कम मत मिलने पर राशि जब्त कर ली जाती है। जमानत धनराशि वापसी के लिए आय-व्यय का विवरण निर्धारित समय में दाखिल करना जरूरी होता है।