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आत्मरक्षा के गुर सीखेंगी परिषदीय विद्यालयों की बेटियां
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सुल्तानपुर। परिषदीय उच्च प्राथमिक/कंपोजिट विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए 201 खेल अनुदेशकों को विद्यालय आवंटित किए गए हैं। एक विद्यालय में नामांकित छात्राओं को लगातार 25 कार्यदिवस तक सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी।
स्कूल शिक्षा की महानिदेशक अनामिका सिंह के निर्देश पर रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सशक्तीकरण एवं स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति के तीसरे चरण में इस प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत स्वास्थ्य एवं शरीरिक शिक्षा के 201 अनुदेशकों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए विद्यालय आवंटित किए गए हैं। लगातार 25 दिनों तक सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग विद्यालयों में दी जाएगी। इसके लिए बीएसए ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक आत्मरक्षा प्रशिक्षण खुले, स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण में कराया जाय। प्रशिक्षण के शुरुआती दिनों में बालिकाओं को आत्मरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी जाय तथा हल्के-फुल्के व्यायाम कराए जाएं।
सर्वप्रथम बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए तैयार किया जाय। जो छात्रा अस्वस्थ हो या शारीरिक गतिविधि के लिए तैयार न हो, उसे इस ट्रेनिंग में शामिल न किया जाए, बल्कि संपूर्ण गतिविधि को देखने के लिए उचित स्थान पर बैठाया जाय। बालिकाओं को उनकी क्षमता के मुताबिक ही कौशल का प्रशिक्षण दिया जाय। यदि किसी को प्रशिक्षण में कठिनाई आ रही हो तो उसे गतिविधि के लिए बाध्य न किया जाए। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं को यह बताया जाए कि इस कौशल का उपयोग अनावश्यक रूप से आपस में न करके विशेष परिस्थितियों में ही किया जाए। बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि सभी 201 अनुदेशकों को विद्यालय आवंटित किए गए हैं। साथ ही ट्रेनिंग की गाइडलाइन भी जारी की गई है। समय सारिणी के मुताबिक प्रशिक्षकों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल शिक्षा की महानिदेशक अनामिका सिंह के निर्देश पर रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के तहत सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सशक्तीकरण एवं स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति के तीसरे चरण में इस प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। जूनियर हाईस्कूलों में कार्यरत स्वास्थ्य एवं शरीरिक शिक्षा के 201 अनुदेशकों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए विद्यालय आवंटित किए गए हैं। लगातार 25 दिनों तक सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग विद्यालयों में दी जाएगी। इसके लिए बीएसए ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देश के मुताबिक आत्मरक्षा प्रशिक्षण खुले, स्वच्छ व सुरक्षित वातावरण में कराया जाय। प्रशिक्षण के शुरुआती दिनों में बालिकाओं को आत्मरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी जाय तथा हल्के-फुल्के व्यायाम कराए जाएं।
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सर्वप्रथम बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिए तैयार किया जाय। जो छात्रा अस्वस्थ हो या शारीरिक गतिविधि के लिए तैयार न हो, उसे इस ट्रेनिंग में शामिल न किया जाए, बल्कि संपूर्ण गतिविधि को देखने के लिए उचित स्थान पर बैठाया जाय। बालिकाओं को उनकी क्षमता के मुताबिक ही कौशल का प्रशिक्षण दिया जाय। यदि किसी को प्रशिक्षण में कठिनाई आ रही हो तो उसे गतिविधि के लिए बाध्य न किया जाए। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं को यह बताया जाए कि इस कौशल का उपयोग अनावश्यक रूप से आपस में न करके विशेष परिस्थितियों में ही किया जाए। बीएसए दीवान सिंह यादव ने बताया कि सभी 201 अनुदेशकों को विद्यालय आवंटित किए गए हैं। साथ ही ट्रेनिंग की गाइडलाइन भी जारी की गई है। समय सारिणी के मुताबिक प्रशिक्षकों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग देना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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