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बिना यूनिफॉर्म के स्कूल जाएंगे परिषदीय विद्यालयों के बच्चे
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सुल्तानपुर। जिले के परिषदीय विद्यालय 16 जून से खुल जाएंगे। इन विद्यालयों में 2,65,776 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय खुलने पर बड़ी संख्या में बच्चे बिना यूनिफॉर्म के विद्यालय जाएंगे या फिर फटे-पुराने पहनकर जाना होगा। हालत यह है कि करीब 22 हजार बच्चों के अभिभावकों को पिछले सत्र की ही डीबीटी नहीं मिली है। शिक्षण सत्र 2022-23 के लिए अभी तक डीबीटी की प्रक्रिया ही शुरू नहीं हो सकी है।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण सत्र 2021-22 से यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग व जूता-मोजा की धनराशि डीबीटी के जरिए सीधे अभिभावकों के खाते में भेजे जाने की योजना लागू हुई थी। इसके जरिए हर बच्चे के अभिभावक के खाते में 1100-1100 रुपये भेजे गए थे। इसके पहले यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा और स्वेटर का वितरण बच्चों को सीधे किया जाता था। पिछले साल विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में रुपये भेजे गये लेकिन अधिकांश अभिभावकों ने अपने पाल्यों के लिए सामग्री नहीं खरीदी। हालत यह रही कि लगभग 25 फीसदी ही बच्चे यूनिफॉर्म पा सके। ऐसे में 16 जून को जब विद्यालय खुलेगा तो बिना यूनिफॉर्म वाले बच्चों की संख्या काफी अधिक होगी।
गत वर्ष 21,285 बच्चों को नहीं मिली डीबीटी की राशि
शिक्षण सत्र 2021-22 में दो लाख 77 हजार 286 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 2,56,001 विद्यार्थियों को ही डीबीटी का लाभ मिल पाया था। शेष 21,285 बच्चे डीबीटी की धनराशि नहीं पा सके थे। इसमें 1177 विद्यार्थियों का डेटा संदिग्ध था। 2442 विद्यार्थियों का डेटा बीएसए/बीईओ/स्कूल स्तर पर लंबित था। 16,620 विद्यार्थियों के अभिभावकों का खाता नॉन सीडेड था। 913 बच्चों का आधार सत्यापित नहीं था। इस वजह से इन सभी के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की राशि नहीं भेजी जा सकी। जिला समन्वयक एमआईएस धर्मेश गुप्ता ने बताया कि कमियों की वजह से डीबीटी की धनराशि ट्रांसफर नहीं हुई है।
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सत्यापन के बाद ही नए सत्र की मिलेगी डीबीटी
शासन ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए 1100-1100 रुपये भेजे थे। पैसा मिलने के बाद अधिकांश अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए सामग्रियां क्रय नहीं की। इस बार शासन ने यह व्यवस्था बनाई है कि जिन बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए धनराशि भेजी गई है, उन्हें सामग्रियों के साथ फोटो खिंचवानी होगी। यह फोटो प्रधानाध्यापक डीबीटी पोर्टल पर अपलोड करेंगे। तभी नए सत्र की डीबीटी प्रक्रिया पूर्ण हो सकेगी।
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परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण सत्र 2021-22 से यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग व जूता-मोजा की धनराशि डीबीटी के जरिए सीधे अभिभावकों के खाते में भेजे जाने की योजना लागू हुई थी। इसके जरिए हर बच्चे के अभिभावक के खाते में 1100-1100 रुपये भेजे गए थे। इसके पहले यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूता-मोजा और स्वेटर का वितरण बच्चों को सीधे किया जाता था। पिछले साल विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में रुपये भेजे गये लेकिन अधिकांश अभिभावकों ने अपने पाल्यों के लिए सामग्री नहीं खरीदी। हालत यह रही कि लगभग 25 फीसदी ही बच्चे यूनिफॉर्म पा सके। ऐसे में 16 जून को जब विद्यालय खुलेगा तो बिना यूनिफॉर्म वाले बच्चों की संख्या काफी अधिक होगी।
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गत वर्ष 21,285 बच्चों को नहीं मिली डीबीटी की राशि
शिक्षण सत्र 2021-22 में दो लाख 77 हजार 286 विद्यार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 2,56,001 विद्यार्थियों को ही डीबीटी का लाभ मिल पाया था। शेष 21,285 बच्चे डीबीटी की धनराशि नहीं पा सके थे। इसमें 1177 विद्यार्थियों का डेटा संदिग्ध था। 2442 विद्यार्थियों का डेटा बीएसए/बीईओ/स्कूल स्तर पर लंबित था। 16,620 विद्यार्थियों के अभिभावकों का खाता नॉन सीडेड था। 913 बच्चों का आधार सत्यापित नहीं था। इस वजह से इन सभी के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की राशि नहीं भेजी जा सकी। जिला समन्वयक एमआईएस धर्मेश गुप्ता ने बताया कि कमियों की वजह से डीबीटी की धनराशि ट्रांसफर नहीं हुई है।
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सत्यापन के बाद ही नए सत्र की मिलेगी डीबीटी
शासन ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए 1100-1100 रुपये भेजे थे। पैसा मिलने के बाद अधिकांश अभिभावकों ने अपने बच्चों के लिए सामग्रियां क्रय नहीं की। इस बार शासन ने यह व्यवस्था बनाई है कि जिन बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के जरिए धनराशि भेजी गई है, उन्हें सामग्रियों के साथ फोटो खिंचवानी होगी। यह फोटो प्रधानाध्यापक डीबीटी पोर्टल पर अपलोड करेंगे। तभी नए सत्र की डीबीटी प्रक्रिया पूर्ण हो सकेगी।