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36 माध्यमिक विद्यालयों के ढाई हजार विद्यार्थियों को नहीं मिलेगी मार्कशीट
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सुल्तानपुर। जिले के 36 माध्यमिक विद्यालयों के 2500 विद्यार्थियों की मार्कशीट कॉलेजों की लापरवाही से फंस गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने वेबसाइट नहीं बनवाने वाले कॉलेजों को यूपी बोर्ड परीक्षा की मार्कशीट नहीं आवंटित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही संबंधित विद्यालयों को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है।
यूपी बोर्ड से जुड़े माध्यमिक विद्यालयों को हाइटेक बनाने के उद्देश्य से शासन ने कॉलेजों की वेबसाइट व वेब पेज बनाने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही शिक्षकों व छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी जेनरेट करने को कहा था। शासन ने इस काम को 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने को कहा था। जिले में कुल 331 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 36 माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने न वेबसाइट बनवाई और न ही वेब पेज ही बनवाया। जिन 36 माध्यमिक विद्यालयों ने इस काम में लापरवाही बरती है उसमें दो सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय भी शामिल हैं। अन्य 34 माध्यमिक विद्यालय वित्तविहीन हैं। इन सभी 36 माध्यमिक विद्यालयों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के करीब 2500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. आरजे मौर्य ने सभी 36 माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने पत्र जारी कर कहा है कि संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकपत्र सहप्रमाणपत्र तभी आवंटित किए जाएंगे, जब विद्यालय इस आशय का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेंगे कि उनके यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का मोबाइल नंबर, अध्यापकों व विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी, वेबसाइट, वेब पेज परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। यह प्रमाणपत्र देने के बाद ही छात्र-छात्राओं को अंकपत्र सहप्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश के बाद संबंधित विद्यालयों में अध्ययनरत करीब 2500 विद्यार्थियों के अंकपत्र सहप्रमाणपत्र वितरण पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मार्कशीट नहीं मिलने पर संबंधित छात्र-छात्राएं अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले सकेंगे।
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यूपी बोर्ड से जुड़े माध्यमिक विद्यालयों को हाइटेक बनाने के उद्देश्य से शासन ने कॉलेजों की वेबसाइट व वेब पेज बनाने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही शिक्षकों व छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी जेनरेट करने को कहा था। शासन ने इस काम को 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण करने को कहा था। जिले में कुल 331 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 36 माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जिन्होंने न वेबसाइट बनवाई और न ही वेब पेज ही बनवाया। जिन 36 माध्यमिक विद्यालयों ने इस काम में लापरवाही बरती है उसमें दो सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय भी शामिल हैं। अन्य 34 माध्यमिक विद्यालय वित्तविहीन हैं। इन सभी 36 माध्यमिक विद्यालयों में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के करीब 2500 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
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प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. आरजे मौर्य ने सभी 36 माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने पत्र जारी कर कहा है कि संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों को हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के अंकपत्र सहप्रमाणपत्र तभी आवंटित किए जाएंगे, जब विद्यालय इस आशय का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेंगे कि उनके यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का मोबाइल नंबर, अध्यापकों व विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी, वेबसाइट, वेब पेज परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। यह प्रमाणपत्र देने के बाद ही छात्र-छात्राओं को अंकपत्र सहप्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक के निर्देश के बाद संबंधित विद्यालयों में अध्ययनरत करीब 2500 विद्यार्थियों के अंकपत्र सहप्रमाणपत्र वितरण पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मार्कशीट नहीं मिलने पर संबंधित छात्र-छात्राएं अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले सकेंगे।
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