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नगर पालिका में एलईडी लाइट खरीद में 85.25 लाख की अनियमितता
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सुल्तानपुर। शहर को एलईडी लाइट से रोशन करने में भी नगर पालिका के अधिकारियों ने घोटाला कर दिया। गली-मोहल्ले में लगने वाली 90 व 120 वाट की एलईडी लाइटें बाजार दर से दोगुने अधिक दाम पर खरीदे जाने का खुलासा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व की जांच में हुआ है।
जांच में 85.25 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। इस मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पर शासकीय धन के दुरूपयोग व कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजा है।
शहर के सीताकुंड वार्ड के सभासद डॉ. संतोष सिंह ने 12 फरवरी 2021 को डीएम को शिकायती पत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि नगर पालिका में 90 व 120 वाट की करीब दो हजार एलईडी लाइटें खरीदी गई हैं।
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जिस रेट में नगर पालिका की ओर से लाइटों की खरीद की गई है वह बाजार दर से करीब दोगुना है। उन्होंने एलईडी लाइटों की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। डीएम के आदेश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी ने इस मामले की जांच शुरू की।
जांच में खुलासा हुआ कि नगर पालिका में 90 व 120 वाट की 1000-1000 एलईडी लाइटों की खरीद की गई। 90 वाट की 1,000 एलईडी लाइट की खरीद नगर पालिका ने प्रति लाइट 8,075 रुपये की दर से की। इसका 80/75 लाख रुपये भुगतान किया गया जबकि इसकी बाजार दर 3,700 रुपये प्रति लाइट है।
इसका वास्तव में 37 लाख का भुगतान किया जाना था। इसमें 43.75 लाख रुपये की वित्तीय वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। वहीं, 120 वाट की 1,000 एलईडी लाइट की खरीद नगर पालिका ने प्रति लाइट 8,850 रुपये की दर से की।
इसका 88,50,000 रुपये भुगतान किया गया, जबकि इसकी बाजार दर 4,700 रुपये प्रति लाइट है। इसका वास्तव में 47 लाख का भुगतान किया जाना था। इसमें 41.50 लाख रुपये की वित्तीय वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। इस तरह से 90 व 120 वाट की एलईडी लाइट की खरीद में कुल 85.25 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन चौधरी को इस मामले का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई व सरकारी धन की वसूली की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट 26 जून को जिलाधिकारी को दी।
डीएम रवीश गुप्ता ने कार्रवाई के लिए शासन व कमिश्नर को 28 जून को रिपोर्ट भेजी है। एलईडी लाइट की खरीद में घोटाले का मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका में हड़कंप मचा है।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
नगर पालिका में एलईडी लाइट की खरीद मेें 85.25 लाख की अनियमितता पाई गई है। इस मामले में कार्रवाई की जिलाधिकारी की ओर से रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
- उमाकांत त्रिपाठी, एडीएम, वित्त एवं राजस्व
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जांच में 85.25 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। इस मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पर शासकीय धन के दुरूपयोग व कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी ने शासन को पत्र भेजा है।
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शहर के सीताकुंड वार्ड के सभासद डॉ. संतोष सिंह ने 12 फरवरी 2021 को डीएम को शिकायती पत्र दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि नगर पालिका में 90 व 120 वाट की करीब दो हजार एलईडी लाइटें खरीदी गई हैं।
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जिस रेट में नगर पालिका की ओर से लाइटों की खरीद की गई है वह बाजार दर से करीब दोगुना है। उन्होंने एलईडी लाइटों की खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। डीएम के आदेश पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व उमाकांत त्रिपाठी ने इस मामले की जांच शुरू की।
जांच में खुलासा हुआ कि नगर पालिका में 90 व 120 वाट की 1000-1000 एलईडी लाइटों की खरीद की गई। 90 वाट की 1,000 एलईडी लाइट की खरीद नगर पालिका ने प्रति लाइट 8,075 रुपये की दर से की। इसका 80/75 लाख रुपये भुगतान किया गया जबकि इसकी बाजार दर 3,700 रुपये प्रति लाइट है।
इसका वास्तव में 37 लाख का भुगतान किया जाना था। इसमें 43.75 लाख रुपये की वित्तीय वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। वहीं, 120 वाट की 1,000 एलईडी लाइट की खरीद नगर पालिका ने प्रति लाइट 8,850 रुपये की दर से की।
इसका 88,50,000 रुपये भुगतान किया गया, जबकि इसकी बाजार दर 4,700 रुपये प्रति लाइट है। इसका वास्तव में 47 लाख का भुगतान किया जाना था। इसमें 41.50 लाख रुपये की वित्तीय वित्तीय अनियमितता उजागर हुई। इस तरह से 90 व 120 वाट की एलईडी लाइट की खरीद में कुल 85.25 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन चौधरी को इस मामले का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई व सरकारी धन की वसूली की संस्तुति करते हुए अपनी रिपोर्ट 26 जून को जिलाधिकारी को दी।
डीएम रवीश गुप्ता ने कार्रवाई के लिए शासन व कमिश्नर को 28 जून को रिपोर्ट भेजी है। एलईडी लाइट की खरीद में घोटाले का मामला उजागर होने के बाद से नगर पालिका में हड़कंप मचा है।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
नगर पालिका में एलईडी लाइट की खरीद मेें 85.25 लाख की अनियमितता पाई गई है। इस मामले में कार्रवाई की जिलाधिकारी की ओर से रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
- उमाकांत त्रिपाठी, एडीएम, वित्त एवं राजस्व