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युवक ने जान पर खेल बचाई तीन मासूमों की जिंदगी
सुल्तानपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:54 PM IST
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खेत में काम कर रहे एक किसान ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेल ट्रैक पर खेल रहे बेटे समेत तीन मासूमों की जिंदगी बचा ली। हालांकि इस कोशिश में वह खुद ट्रेन की चपेट में आकर जख्मी हो गया।
उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। यह वाकया भुआपुर गांव के पास शुक्रवार शाम हुआ।
नगर कोतवाली क्षेत्र के भुआपुर गांव का किसान मो. शमीम उर्फ राजा (35) शुक्रवार शाम को अपने खेत पर काम कर रहा था। उस वक्त शमीम का सात वर्षीय बेटा मो. अली, भतीजा मो. रेहान व भांजा अफजल खेत से कुछ दूरी पर स्थित रेल ट्रैक पर खेल रहे थे। तभी अचानक बेगमपुरा एक्सप्रेस पूरी रफ्तार के साथ आ गई।
ये नजारा देख मो. शमीम रेल ट्रैक की ओर दौड़ पड़ा। चंद सेकंड में उसने ट्रैक पर पहुंचकर तीनों बच्चों को उठाकर अलग फेंक दिया। हालांकि इस कोशिश में वह खुद ट्रेन की चपेट में आ गया। नजारा देखने वालों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। ट्रेन के गुजरने के बाद जख्मी शमीम को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने शनिवार को उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
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उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। यह वाकया भुआपुर गांव के पास शुक्रवार शाम हुआ।
नगर कोतवाली क्षेत्र के भुआपुर गांव का किसान मो. शमीम उर्फ राजा (35) शुक्रवार शाम को अपने खेत पर काम कर रहा था। उस वक्त शमीम का सात वर्षीय बेटा मो. अली, भतीजा मो. रेहान व भांजा अफजल खेत से कुछ दूरी पर स्थित रेल ट्रैक पर खेल रहे थे। तभी अचानक बेगमपुरा एक्सप्रेस पूरी रफ्तार के साथ आ गई।
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ये नजारा देख मो. शमीम रेल ट्रैक की ओर दौड़ पड़ा। चंद सेकंड में उसने ट्रैक पर पहुंचकर तीनों बच्चों को उठाकर अलग फेंक दिया। हालांकि इस कोशिश में वह खुद ट्रेन की चपेट में आ गया। नजारा देखने वालों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। ट्रेन के गुजरने के बाद जख्मी शमीम को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने शनिवार को उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
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