{"_id":"66edcfd090d927a2d2055e16","slug":"rs-255-lakh-fine-on-two-hospitals-of-gomtinagar-in-case-of-death-due-to-negligence-in-treatment-sultanpur-news-c-13-1-lko1021-882593-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: इलाज में लापरवाही से मौत के मामले में गोमतीनगर के दो अस्पतालों पर 25.5 लाख रुपये जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: इलाज में लापरवाही से मौत के मामले में गोमतीनगर के दो अस्पतालों पर 25.5 लाख रुपये जुर्माना
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। इलाज में लापरवाही से महिला की मौत के मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने गोमतीनगर के फोर्ड केयर एंड कमिटमेंट और नोवा हाॅस्पिटल पर 25.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने जुर्माने की रकम 45 दिन के भीतर नहीं देने पर 10 प्रतिशत ब्याज देने का भी आदेश दिया है।
मामले के अनुसार गोमतीनगर के विशालखंड की रहने वाली कनक लता को पेट में दर्द की शिकायत पर उनके पति अंजनी कुमार राय ने चार मई 2013 को नर्सिंग होम में दिखाया था। जांच में पित्ताशय में पथरी होने की पुष्टि होने पर हनुमंत एंडो सर्जरी सेंटर में ऑपरेशन कराया गया था। आयोग को बताया गया कि चिकित्सकीय परीक्षण में महिला के सभी महत्वपूर्ण अंग सही स्थिति में थे। सर्जरी के बाद फोर्ड केयर एंड कमिटमेंट और नोवा हॉस्पिटल में इलाज हुआ था। इलाज के दौरान हुई लापरवाही से महिला की हालत गंभीर हो गई तो उन्हें रेफर कर दिया गया। 14 सितंबर 2013 को सहारा अस्पताल में महिला की मौत हो गई थी।
आयोग के अध्यक्ष और पीठासीन न्यायाधीश अशोक कुमार ने अपने आदेश में मृतका के परिजनों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 20 लाख रुपये देने का आदेश दिया। कनक लता के इलाज पर हुए खर्च के लिए पांच लाख रुपये और विधिक व्यय के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का भी आदेश दिया।
विज्ञापन
-- -- -
लगाए गंभीर आरोप...कुछ निजी अस्पताल मरीज के गंभीर हो जाने तक भर्ती रखते हैं
याचिकाकर्ता अंजनी कुमार राय ने इलाज के दौरान लापरवाही से पत्नी की मौत के मामले में निजी अस्पतालों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मरीजों से पैसे ऐंठने के लिए कुछ निजी अस्पताल मरीजों की हालत गंभीर हो जाने तक भर्ती रखते हैं। मामला हाथ से निकलता देख दूसरे अस्पताल रेफर कर देते हैं।
मामले के अनुसार गोमतीनगर के विशालखंड की रहने वाली कनक लता को पेट में दर्द की शिकायत पर उनके पति अंजनी कुमार राय ने चार मई 2013 को नर्सिंग होम में दिखाया था। जांच में पित्ताशय में पथरी होने की पुष्टि होने पर हनुमंत एंडो सर्जरी सेंटर में ऑपरेशन कराया गया था। आयोग को बताया गया कि चिकित्सकीय परीक्षण में महिला के सभी महत्वपूर्ण अंग सही स्थिति में थे। सर्जरी के बाद फोर्ड केयर एंड कमिटमेंट और नोवा हॉस्पिटल में इलाज हुआ था। इलाज के दौरान हुई लापरवाही से महिला की हालत गंभीर हो गई तो उन्हें रेफर कर दिया गया। 14 सितंबर 2013 को सहारा अस्पताल में महिला की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
आयोग के अध्यक्ष और पीठासीन न्यायाधीश अशोक कुमार ने अपने आदेश में मृतका के परिजनों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 20 लाख रुपये देने का आदेश दिया। कनक लता के इलाज पर हुए खर्च के लिए पांच लाख रुपये और विधिक व्यय के लिए 50 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का भी आदेश दिया।
विज्ञापन
लगाए गंभीर आरोप...कुछ निजी अस्पताल मरीज के गंभीर हो जाने तक भर्ती रखते हैं
याचिकाकर्ता अंजनी कुमार राय ने इलाज के दौरान लापरवाही से पत्नी की मौत के मामले में निजी अस्पतालों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मरीजों से पैसे ऐंठने के लिए कुछ निजी अस्पताल मरीजों की हालत गंभीर हो जाने तक भर्ती रखते हैं। मामला हाथ से निकलता देख दूसरे अस्पताल रेफर कर देते हैं।