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एडेड महाविद्यालयों के शिक्षकों के जांचे जाएंगे अभिलेख

Mon, 29 Jun 2020 10:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 10:06 PM IST
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Records of teachers of aided colleges will be examined
सुल्तानपुर। फर्जी शिक्षकों के मामले को लेकर इन दिनों बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है। शासन ने उच्च शिक्षा में भी शिक्षकों के अभिलेख जांचने का निर्देश दिया है। जिले के पांच सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत लगभग 200 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का भौतिक सत्यापन होगा।
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शासन ने सभी राज्य विश्वविद्यालय, राजकीय महाविद्यालय व सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच के आदेश दिए हैं। जिले में पांच अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय संचालित हैं। इसमें कमला नेहरू भौतिक एवं सामाजिक विज्ञान संस्थान, गनपत सहाय पीजी कॉलेज, राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय, संत तुलसीदास पीजी कॉलेज कादीपुर व संजय गांधी पीजी कॉलेज चौकिया लंभुआ शामिल हैं।
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इन पांचों महाविद्यालयों में करीब 200 शिक्षक कार्यरत हैं। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में नियम विरुद्घ व फर्जी नियुक्तियों की जांच के लिए जनपद वार जांच समिति गठित की गई है। इसमें जिलाधिकारी की ओर से नामित अपर जिलाधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे। पुलिस अधीक्षक की ओर से नामित अपर पुलिस अधीक्षक सदस्य तथा क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी सदस्य के रूप में कमेटी में शामिल होंगे।
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जांच समिति वर्तमान समय में कार्यरत शिक्षकों से चयनित सूची का मिलान करेगी। साथ ही कोषागार के माध्यम से वेतन सूची प्राप्त कर क्रॉस चेकिंग की जाएगी। ये भी परीक्षण किया जाएगा कि जिन शिक्षकों का नाम चयनित सूची में शामिल था, क्या उन्होंने इसके लिए कोई आवेदन किया था या नहीं।
नियुक्ति के संबंध में विज्ञापन, आवेदन पत्र व चयनित अभ्यर्थी की आवश्यक अर्हता की पुष्टि भी कराई जाएगी। इसके साथ ही शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों का संबंधित बोर्ड/विश्वविद्यालय से सत्यापन कराया गया था या नहीं। यदि नहीं कराया गया था तो शैक्षिक प्रमाणपत्रों का सत्यापन भी कराना होगा।
यदि महाविद्यालयों में कार्यरत किसी शिक्षक ने निशक्त कोटे के तहत नौकरी पाई है तो उनके दिव्यांगता का सर्टिफिकेट सत्यापित कराया जाएगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य आरक्षण के सभी प्रमाणपत्र पुन: सत्यापित कराए जाएंगे।

जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति संदेहास्पद प्रकरणों का दोबारा गहनता से परीक्षण करेगी। जिलाधिकारी अपने स्तर पर जांच कार्यों की समीक्षा करके 31 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
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