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Sultanpur News: खराब मिली मूंगफली और गेहूं की गुणवत्ता
Thu, 20 Mar 2025 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 20 Mar 2025 12:02 AM IST
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द्यमिता प्रेरणा महिला लघु उद्योग प्लांट में रखे खाद्यान्न का निरीक्षण करते ब्लॉक प्रमुख।
सुल्तानपुर। बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार में मानक के विपरीत खराब सामग्री उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। ब्लॉक प्रमुख ने नमूना लेकर जांच कराने के निर्देश दिए। बल्दीराय ब्लॉक प्रमुख ने धनपतगंज के देहली बाजार स्थित उद्यमिता प्रेरणा महिला लघु उद्योग (टीएचआर) प्लांट में बाल पुष्टाहार की गुणवत्ता की बुधवार को जांच की।
ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार सिंह प्लांट की जांच के लिए पहुंचे तो घंटों तक प्लांट का ताला नहीं खुला। बाद में डीसी एनआरएलएम केडी गोस्वामी और जिला प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव के पहुंचने पर ताला खोला गया। जांच में सामने आया कि प्लांट में उपयोग किया जा रहा गेहूं और मूंगफली मानक स्तर का नहीं था। खराब गुणवत्ता वाली मूंगफली को ट्रक में लदवाकर हटाया गया।
प्लांट में छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषाहार तैयार किया जाता है, जिसे बल्दीराय और धनपतगंज के बाल पुष्टाहार केंद्रों पर भेजा जाता है। फिर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाया जाता है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इस प्लांट से 96.5 मैट्रिक टन गेहूं गायब होने का मामला प्रकाश में आया था, लेकिन उच्चाधिकारियों की लीपापोती के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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जिला पंचायत सदस्य नंदकिशोर ने आरोप लगाया कि अगर इस प्लांट की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। डीसी एनआरएलएम केडी गोस्वामी ने कहा कि मौके पर जो भी कमी मिली है उसे दूर किया जाएगा।
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ब्लॉक प्रमुख शिव कुमार सिंह प्लांट की जांच के लिए पहुंचे तो घंटों तक प्लांट का ताला नहीं खुला। बाद में डीसी एनआरएलएम केडी गोस्वामी और जिला प्रबंधक नीरज श्रीवास्तव के पहुंचने पर ताला खोला गया। जांच में सामने आया कि प्लांट में उपयोग किया जा रहा गेहूं और मूंगफली मानक स्तर का नहीं था। खराब गुणवत्ता वाली मूंगफली को ट्रक में लदवाकर हटाया गया।
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प्लांट में छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषाहार तैयार किया जाता है, जिसे बल्दीराय और धनपतगंज के बाल पुष्टाहार केंद्रों पर भेजा जाता है। फिर आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों तक पहुंचाया जाता है। खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इस प्लांट से 96.5 मैट्रिक टन गेहूं गायब होने का मामला प्रकाश में आया था, लेकिन उच्चाधिकारियों की लीपापोती के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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जिला पंचायत सदस्य नंदकिशोर ने आरोप लगाया कि अगर इस प्लांट की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो इसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। डीसी एनआरएलएम केडी गोस्वामी ने कहा कि मौके पर जो भी कमी मिली है उसे दूर किया जाएगा।