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कोर्ट ने सुनाई पति समेत तीन लोगों को नौ वर्ष की सजा
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सुल्तानपुर। विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश कल्पराज सिंह ने आरोपी पति, जेठ व जेठानी को दोषी मानते हुए नौ वर्ष की सजा सुनाई है। प्रत्येक को एक लाख 25 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
मामला अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे दयाल मिश्र का पुरवा मजरे उत्तरगांव से जुड़ा है। गांव निवासी आरोपी सुशील तिवारी उर्फ राजीव तिवारी की शादीरामबहादुर पांडेय निवासी पूरेगनेश लाल-भरेथा थाना अमेठी की पुत्री पुष्पा देवी उर्फ गुड्डा के साथ घटना से करीब 12 वर्ष पूर्व हुई थी। आरोप के मुताबिक सुशील तिवारी का व्यवहार पुष्पा के प्रति ठीक नहीं था। वह अक्सर उसे मारता-पीटता था। घरेलू कामकाज करने के बजाय बेकार घूमता-फिरता रहता था। पति की इन्हीं आदतों का पुष्पा विरोध करती रही।
इसकी वजह से पुष्पा का पति, जेठ बब्लू उर्फ अनिल तिवारी व उसकी पत्नी सुशीला नाराज चल रही थीं। आरोप के मुताबिक पति व अन्य आरोपियों से परेशान होकर 28 नवंबर 2002 को पुष्पा ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सोमवार को एफटीसी प्रथम के जज कल्पराज सिंह ने पति, जेठ व जेठानी को दोषी मानते हुए नौ वर्ष की सजा व प्रत्येक को एक लाख 25 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
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मामला अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे दयाल मिश्र का पुरवा मजरे उत्तरगांव से जुड़ा है। गांव निवासी आरोपी सुशील तिवारी उर्फ राजीव तिवारी की शादीरामबहादुर पांडेय निवासी पूरेगनेश लाल-भरेथा थाना अमेठी की पुत्री पुष्पा देवी उर्फ गुड्डा के साथ घटना से करीब 12 वर्ष पूर्व हुई थी। आरोप के मुताबिक सुशील तिवारी का व्यवहार पुष्पा के प्रति ठीक नहीं था। वह अक्सर उसे मारता-पीटता था। घरेलू कामकाज करने के बजाय बेकार घूमता-फिरता रहता था। पति की इन्हीं आदतों का पुष्पा विरोध करती रही।
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इसकी वजह से पुष्पा का पति, जेठ बब्लू उर्फ अनिल तिवारी व उसकी पत्नी सुशीला नाराज चल रही थीं। आरोप के मुताबिक पति व अन्य आरोपियों से परेशान होकर 28 नवंबर 2002 को पुष्पा ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सोमवार को एफटीसी प्रथम के जज कल्पराज सिंह ने पति, जेठ व जेठानी को दोषी मानते हुए नौ वर्ष की सजा व प्रत्येक को एक लाख 25 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है।
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