{"_id":"6a986f9cea441c00cd0ba004","slug":"ptm-to-be-held-every-three-months-in-council-schools-sultanpur-news-c-103-1-slp1007-164166-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: परिषदीय स्कूलों में हर तीन माह पर होगी पीटीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: परिषदीय स्कूलों में हर तीन माह पर होगी पीटीएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। जिले के परिषदीय स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) महज औपचारिकता नहीं रहेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने पीटीएम का स्वरूप बदलते हुए इसे हर माह के बजाय तीन माह में एक बार कराने का फैसला किया है। बैठक में बच्चों की पढ़ाई, अनुशासन और उपस्थिति के साथ विद्यालय के माहौल की समीक्षा होगी। इसकी निगरानी ऑनलाइन की जाएगी।
जिले के 2064 परिषदीय विद्यालयों में करीब दो लाख बच्चे पढ़ते हैं। विभाग का मानना है कि बच्चों को स्कूल भेजने तक अभिभावकों की जिम्मेदारी सीमित नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से पीटीएम में अभिभावकों की भागीदारी और जवाबदेही बढ़ाई जा रही है। पहले हर महीने होने वाली बैठकों में कई विद्यालयों में अभिभावकों की संख्या कम रहने से गतिविधियां औपचारिकता तक सिमट जाती थीं। हर तिमाही बैठक की अलग थीम तय की गई है।
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अक्तूबर में ‘आज की उपस्थिति, कल की प्रगति’, दिसंबर में ‘शिक्षा का सफर परिवार के संग’ और फरवरी में ‘मेरा विद्यालय, मेरी जिम्मेदारी’ थीम पर पीटीएम होगी। बैठकों की गतिविधियों और अभिभावकों की सहभागिता की प्रेरणा पोर्टल से ऑनलाइन निगरानी होगी।
विज्ञापन
स्कूल से गायब बच्चे, अभिभावकों से होगा जवाब-तलब
पीटीएम में बच्चों की अनियमित उपस्थिति के कारण तलाशे जाएंगे। अभिभावकों को बच्चों के साथ पर्याप्त समय बिताने, पढ़ाई के लिए प्रेरित करने और अभ्यास कार्य पूरा कराने के तरीके बताए जाएंगे। अनुशासन, स्वच्छता और जीवन कौशल पर भी चर्चा होगी।
19 कसौटियों पर भी होगी पड़ताल
अभिभावक विद्यालय भवन के कायाकल्प से जुड़े 19 पैरामीटर पर कमियां चिह्नित कर सुधार के सुझाव दे सकेंगे। अब पीटीएम में सिर्फ बच्चे की पढ़ाई नहीं, बल्कि स्कूल की व्यवस्था भी अभिभावकों की निगाह में होगी।
विज्ञापन
जिले के 2064 परिषदीय विद्यालयों में करीब दो लाख बच्चे पढ़ते हैं। विभाग का मानना है कि बच्चों को स्कूल भेजने तक अभिभावकों की जिम्मेदारी सीमित नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से पीटीएम में अभिभावकों की भागीदारी और जवाबदेही बढ़ाई जा रही है। पहले हर महीने होने वाली बैठकों में कई विद्यालयों में अभिभावकों की संख्या कम रहने से गतिविधियां औपचारिकता तक सिमट जाती थीं। हर तिमाही बैठक की अलग थीम तय की गई है।
विज्ञापन
बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि अक्तूबर में ‘आज की उपस्थिति, कल की प्रगति’, दिसंबर में ‘शिक्षा का सफर परिवार के संग’ और फरवरी में ‘मेरा विद्यालय, मेरी जिम्मेदारी’ थीम पर पीटीएम होगी। बैठकों की गतिविधियों और अभिभावकों की सहभागिता की प्रेरणा पोर्टल से ऑनलाइन निगरानी होगी।
विज्ञापन
स्कूल से गायब बच्चे, अभिभावकों से होगा जवाब-तलब
पीटीएम में बच्चों की अनियमित उपस्थिति के कारण तलाशे जाएंगे। अभिभावकों को बच्चों के साथ पर्याप्त समय बिताने, पढ़ाई के लिए प्रेरित करने और अभ्यास कार्य पूरा कराने के तरीके बताए जाएंगे। अनुशासन, स्वच्छता और जीवन कौशल पर भी चर्चा होगी।
19 कसौटियों पर भी होगी पड़ताल
अभिभावक विद्यालय भवन के कायाकल्प से जुड़े 19 पैरामीटर पर कमियां चिह्नित कर सुधार के सुझाव दे सकेंगे। अब पीटीएम में सिर्फ बच्चे की पढ़ाई नहीं, बल्कि स्कूल की व्यवस्था भी अभिभावकों की निगाह में होगी।