{"_id":"6127bb258ebc3e59cd6c8ebd","slug":"preparations-for-dengue-is-only-on-papers-sultanpur-news-lko5928333126","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों तक सिमटीं डेंगू की तैयारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों तक सिमटीं डेंगू की तैयारियां
विज्ञापन
21. सुल्तानपुर में सड़क के किनारे एकत्र गंदा पानी जिसमेें पनपता मच्छर।
- फोटो : SULTANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। डेंगू से पिछले वर्ष हुई कई लोगों की मौत के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने कोई सबक नहीं लिया है। स्वास्थ्य विभाग के हाई अलर्ट के बावजूद न सीएचसी-पीएचसी अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है और न ही लोगों को बीमारी से बचाव के लिए कोई योजना तैयार की गई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी डेंगू से निपटने का दावा कर रहे हैं।
जून माह में ही मानसून ने जिले में दस्तक दे दी थी। मामूली सी बरसात में शहरी क्षेत्र के खाली पड़े प्लाट लबालब हो गए हैं। वहीं, जल निकासी का कहीं प्रबंध न होने से गलियों में टूटी पड़ी नालियों में भी पानी भर गया है। ऐसे में बच्चों से लेकर बड़ों पर मच्छर जनित बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। जिले में वर्ष 2020 में डेंगू से नौ लोगों की मौत हुई थी।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों में यह संख्या शून्य थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डेंगू से पीड़ित मरीज लखनऊ अथवा दिल्ली में किसी सरकारी अथवा प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराते हैं, जहां पर उनकी उपचार के दौरान मौत हो जाती है। ऐसे में जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास उनका आंकड़ा नहीं होता है।
विज्ञापन
चिकित्सकों को किया गया अलर्ट : सीएमओ
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी के अनुसार ऐसे मौसम में संक्रामक बीमारियां पनपती हैं। साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लिहाजा इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। सीएचसी व पीएचसी पर सभी चिकित्सकों को अलर्ट किया गया है। सभी को हिदायत दी गई है कि ड्यूटी पर मौजूद रहें। यदि किसी भी सीएचसी अथवा पीएचसी पर चिकित्सक नदारद मिलेंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित क्षेत्रों में नालियों में दवा का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल में बनाया डेंगू वार्ड : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर अलर्ट है। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड/ प्रबंधन वार्ड बनाया गया है। वार्ड में सभी बेडों पर मच्छरदानी की व्यवस्था है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द व शरीर पर चक्कते पड़ना। दांत, मुंह, नाक से खून आना। रक्त की जांच में प्लेटलेट्स का एक लाख से कम होना। डेंगू पूर्व में डाइबिटीज स्वश्न कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए खतरनाक होता है।
डेंगू से बचाव के उपाय
छतों पर टायर व पुराने बर्तनों में जल भराव न होने दें। कूलर, घर के बगल गड्ढों व खाली प्लाटों में जलभराव न होने दें। जलभराव वाले स्थलों पर जला मोबिल आयल व मिट्टी का तेल कुछ मात्रा में डालें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बांह के कपड़े पहने। घर की खिड़कियों, रोशन दान पर महीन जाली लगवाएं। बुखार आने पर नजदीकी अस्तपाल जाकर चिकित्सीय परामर्श के अनुसार रक्त की जांच कराएं।
विज्ञापन
जून माह में ही मानसून ने जिले में दस्तक दे दी थी। मामूली सी बरसात में शहरी क्षेत्र के खाली पड़े प्लाट लबालब हो गए हैं। वहीं, जल निकासी का कहीं प्रबंध न होने से गलियों में टूटी पड़ी नालियों में भी पानी भर गया है। ऐसे में बच्चों से लेकर बड़ों पर मच्छर जनित बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। जिले में वर्ष 2020 में डेंगू से नौ लोगों की मौत हुई थी।
विज्ञापन
हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों में यह संख्या शून्य थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डेंगू से पीड़ित मरीज लखनऊ अथवा दिल्ली में किसी सरकारी अथवा प्राइवेट अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराते हैं, जहां पर उनकी उपचार के दौरान मौत हो जाती है। ऐसे में जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास उनका आंकड़ा नहीं होता है।
विज्ञापन
चिकित्सकों को किया गया अलर्ट : सीएमओ
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी के अनुसार ऐसे मौसम में संक्रामक बीमारियां पनपती हैं। साथ ही मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लिहाजा इस दौरान लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। सीएचसी व पीएचसी पर सभी चिकित्सकों को अलर्ट किया गया है। सभी को हिदायत दी गई है कि ड्यूटी पर मौजूद रहें। यदि किसी भी सीएचसी अथवा पीएचसी पर चिकित्सक नदारद मिलेंगे तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। संबंधित क्षेत्रों में नालियों में दवा का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अस्पताल में बनाया डेंगू वार्ड : सीएमएस
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एससी कौशल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर अलर्ट है। जिला अस्पताल में डेंगू वार्ड/ प्रबंधन वार्ड बनाया गया है। वार्ड में सभी बेडों पर मच्छरदानी की व्यवस्था है। अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं।
डेंगू के लक्षण
तेज बुखार, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द व शरीर पर चक्कते पड़ना। दांत, मुंह, नाक से खून आना। रक्त की जांच में प्लेटलेट्स का एक लाख से कम होना। डेंगू पूर्व में डाइबिटीज स्वश्न कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए खतरनाक होता है।
डेंगू से बचाव के उपाय
छतों पर टायर व पुराने बर्तनों में जल भराव न होने दें। कूलर, घर के बगल गड्ढों व खाली प्लाटों में जलभराव न होने दें। जलभराव वाले स्थलों पर जला मोबिल आयल व मिट्टी का तेल कुछ मात्रा में डालें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बांह के कपड़े पहने। घर की खिड़कियों, रोशन दान पर महीन जाली लगवाएं। बुखार आने पर नजदीकी अस्तपाल जाकर चिकित्सीय परामर्श के अनुसार रक्त की जांच कराएं।