{"_id":"6108119e8ebc3e84261ca544","slug":"preparation-to-reopen-schools-sultanpur-news-lko5895705177","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों के स्वागत के लिए तैयार हो रहे विद्यालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों के स्वागत के लिए तैयार हो रहे विद्यालय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। कोविड-19 संक्रमण की वजह से लंबे समय से बंद चल रहे विद्यालयों में फिर से पढ़ाई शुरू होगी। बच्चों के स्वागत के लिए विद्यालयों में साफ-सफाई शुरू हो गई है। इसके साथ ही प्रकाश व्यवस्था, पंखा, प्रसाधन व फर्नीचर दुरुस्त कराए जा रहे हैं।
कोरोना की वजह से विद्यालयों में कक्षाएं नहीं चल रही हैं। ऑनलाइन माध्यमों से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लंबे समय से विद्यालय बंद रहने से न सिर्फ विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर हो गए हैं, बल्कि बच्चों का रुझान भी पढ़ाई के प्रति कम हुआ है।
कई ऐसे छात्र हैं, जो ऑनलाइन कक्षाओं से नहीं जुड़ पाए हैं। ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण उतना प्रभावी भी नहीं है। ऑनलाइन माध्यम से बच्चों पर अनुशासन भी नहीं रखा जा पा रहा है। कोरोना की रफ्तार कम होने के बाद विद्यालयों में कक्षा शिक्षण की सुगबुगाहट चल रही थी।
विज्ञापन
शासन ने 16 अगस्त से विद्यालय खोले जाने का निर्देश दिया है। इसको लेकर सोमवार को कई शिक्षण संस्थानों में साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन का काम शुरू हो गया था। राजकीय इंटर कॉलेज, केशकुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज समेत शहर के सरकारी व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनजर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा चुकी हैं।
सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शेम्फोर्ड स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, टाइनी टॉट्स पब्लिक स्कूल, सनबीम स्कूल समेत अन्य विद्यालयों में बच्चों के स्वागत के लिए तैयारियां चल रही हैं।
व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद
शिक्षण संस्थानों के खुल जाने से छात्र भी अपनी पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करेंगे। साथ ही आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे शिक्षण संस्थान भी राहत पा सकेंगे। लंबे समय से विद्यालयों के बंद रहने से कई शिक्षण संस्थानों में ताले लग गए हैं। कई छोटे स्कूलों ने मजबूरी में अपने स्कूली वाहन बेच दिए हैं। कई महीनों से पैसे की इनकम नहीं हुई है, जबकि खर्चे जस के तस बने हुए हैं।
शासनादेश के मुताबिक होगी कार्रवाई
प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों के संचालन के लिए शासन की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश आना अभी बाकी है। शासन के निर्देश के अनुसार विद्यालय संचालन की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कोरोना की वजह से विद्यालयों में कक्षाएं नहीं चल रही हैं। ऑनलाइन माध्यमों से बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। लंबे समय से विद्यालय बंद रहने से न सिर्फ विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर हो गए हैं, बल्कि बच्चों का रुझान भी पढ़ाई के प्रति कम हुआ है।
विज्ञापन
कई ऐसे छात्र हैं, जो ऑनलाइन कक्षाओं से नहीं जुड़ पाए हैं। ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण उतना प्रभावी भी नहीं है। ऑनलाइन माध्यम से बच्चों पर अनुशासन भी नहीं रखा जा पा रहा है। कोरोना की रफ्तार कम होने के बाद विद्यालयों में कक्षा शिक्षण की सुगबुगाहट चल रही थी।
विज्ञापन
शासन ने 16 अगस्त से विद्यालय खोले जाने का निर्देश दिया है। इसको लेकर सोमवार को कई शिक्षण संस्थानों में साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन का काम शुरू हो गया था। राजकीय इंटर कॉलेज, केशकुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज समेत शहर के सरकारी व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पहले से ही प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनजर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा चुकी हैं।
सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शेम्फोर्ड स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, टाइनी टॉट्स पब्लिक स्कूल, सनबीम स्कूल समेत अन्य विद्यालयों में बच्चों के स्वागत के लिए तैयारियां चल रही हैं।
व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद
शिक्षण संस्थानों के खुल जाने से छात्र भी अपनी पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करेंगे। साथ ही आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे शिक्षण संस्थान भी राहत पा सकेंगे। लंबे समय से विद्यालयों के बंद रहने से कई शिक्षण संस्थानों में ताले लग गए हैं। कई छोटे स्कूलों ने मजबूरी में अपने स्कूली वाहन बेच दिए हैं। कई महीनों से पैसे की इनकम नहीं हुई है, जबकि खर्चे जस के तस बने हुए हैं।
शासनादेश के मुताबिक होगी कार्रवाई
प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों के संचालन के लिए शासन की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश आना अभी बाकी है। शासन के निर्देश के अनुसार विद्यालय संचालन की कार्रवाई की जाएगी।