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प्रसूताओं को नहीं मिल रहा भोजन व नाश्ता
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सुल्तानपुर। जिले की सीएचसी में प्रसूताओं को दो माह से भोजन नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती प्रसूताओं के तीमारदार घर से ही खाना लाकर उन्हें खिलाते हैं। हालात ये हैं कि तीमारदार चाय और बिस्किट भी खरीदकर मरीज को देते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अगस्त 2021 तक सीएचसी में भोजन और नाश्ते की व्यवस्था थी लेकिन बजट न मिलने के कारण व्यवस्था बेपटरी हो गई।
मरीजों व प्रसूता/गर्भवतियों के लिए सरकार नाश्ते के साथ दूध व खाने की व्यवस्था करती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेसर्स ममता को जिले की 14 सीएचसी पर प्रसूताओं को भोजन और नाश्ता देने के लिए ठेका दिया है। फर्म के संचालक को अगस्त 2021 के बाद भोजन और नाश्ता आपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया है। इस वजह से संबंधित फर्म के ठेकेदार को सीएचसी पर भोजन और नाश्ता की आपूर्ति देने में परेशानी हो रही है।
नतीजा यह है कि जिले के ज्यादातर सीएचसी पर भर्ती होने वाली प्रसूताओं को पौष्टिक भोजन और नाश्ता नहीं दिया जा रहा है। उनके तीमारदार घर से ही भोजन लाते हैं। सीएचसी में भर्ती प्रसूताओं को चाय और बिस्किट भी तीमारदार खरीदकर खिलाते हैं। जिले के ज्यादातर सीएचसी अधीक्षक पहली अप्रैल से ही भोजन और नाश्ता न मिलने की बात कह रहे हैं।
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शासन के मेन्यू के अनुसार सीएचसी में भर्ती मरीजों को सुबह नाश्ते में एक फल अथवा अंडा, एक गिलास दूध, दोपहर में दाल, रोटी, हरी सब्जी, सलाद व रात में भोजन दिए जाने की व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भोजन और नाश्ते के एवज में संबंधित फर्म को प्रति प्रसूता के हिसाब से प्रतिदिन का 90 रुपये भुगतान किया जाता है।
सीएचसी अखंडनगर में बुधवार सुबह गर्भवती चांदनी पत्नी दिनेश निवासी संसारपट्टी जिला जौनपुर भर्ती हुईं। चांदनी के साथ आए परिवारीजनों ने बताया कि उन्हें न भोजन मिला और न ही चाय दी गई। चाय और बिस्किट खुद खरीदकर लाए हैं। इसी सीएचसी में गर्भवती कुसुम पत्नी अवधेश चौहान निवासी डोमापुर अखंडनगर जिला सुल्तानपुर ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे भर्ती हुई हैं। सीएचसी में कुछ नहीं दिया गया। चाय और नाश्ता अपने पैसे से मंगाई हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रमेश यादव ने बताया कि ठेकेदार ने भोजन और नाश्ते की व्यवस्था नहीं की है।
सीएचसी दोस्तपुर में शिवांगी पत्नी प्रमोद कुमार निवासी बस्ती पहाड़पुर ने बताया कि वह मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती हुई थी, देर शाम उसे बच्चा पैदा हुआ। सीएचसी में न मंगलवार और न ही बुधवार को भोजन या नाश्ता मिला। परिवारीजन घर से भोजन और नाश्ता लेकर आए और उसे खिलाया। सीएचसी अधीक्षक अजीत यादव ने बताया कि भोजन व नाश्ता देने वाला ठेकेदार एक वर्ष से नहीं आ रहा है। खुद की व्यवस्था से किसी तरह प्रसूताओं को पूड़ी, सब्जी, खिचड़ी व दाल रोटी खिलाता हूं।
सीएचसी कुड़वार में मंगलवार को सफीना निवासी नई बस्ती गभड़िया हसनपुर और मधु प्रजापति निवासी उतरदहा प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती हुई थीं। रात में दोनों का प्रसव हुआ। दोनों प्रसूताओं ने बताया कि भोजन और नाश्ता मिला। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनवर आलम खान ने बताया कि प्रसूताओं को भोजन व नाश्ता मिल रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि सीएचसी में भोजन व नाश्ता की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ है, इसके बाद भी उसने एक स्थानीय व्यक्ति को खाना व नाश्ता बनाकर हर हाल में सीएचसी पर आपूर्ति करने को कहा है।
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि जिले की 14 सीएचसी पर भोजन व नाश्ता देने के लिए मेसर्स ममता को ठेका दिया गया है। अगस्त 2021 के बाद प्रसूताओं को भोजन व नाश्ता देने के लिए बजट नहीं मिला है। इस वजह से संबंधित ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया है। शासन से बजट मांगा गया है। शासन ने बजट देने का आश्वासन दिया है।
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मरीजों व प्रसूता/गर्भवतियों के लिए सरकार नाश्ते के साथ दूध व खाने की व्यवस्था करती है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेसर्स ममता को जिले की 14 सीएचसी पर प्रसूताओं को भोजन और नाश्ता देने के लिए ठेका दिया है। फर्म के संचालक को अगस्त 2021 के बाद भोजन और नाश्ता आपूर्ति का भुगतान नहीं किया गया है। इस वजह से संबंधित फर्म के ठेकेदार को सीएचसी पर भोजन और नाश्ता की आपूर्ति देने में परेशानी हो रही है।
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नतीजा यह है कि जिले के ज्यादातर सीएचसी पर भर्ती होने वाली प्रसूताओं को पौष्टिक भोजन और नाश्ता नहीं दिया जा रहा है। उनके तीमारदार घर से ही भोजन लाते हैं। सीएचसी में भर्ती प्रसूताओं को चाय और बिस्किट भी तीमारदार खरीदकर खिलाते हैं। जिले के ज्यादातर सीएचसी अधीक्षक पहली अप्रैल से ही भोजन और नाश्ता न मिलने की बात कह रहे हैं।
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शासन के मेन्यू के अनुसार सीएचसी में भर्ती मरीजों को सुबह नाश्ते में एक फल अथवा अंडा, एक गिलास दूध, दोपहर में दाल, रोटी, हरी सब्जी, सलाद व रात में भोजन दिए जाने की व्यवस्था है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार भोजन और नाश्ते के एवज में संबंधित फर्म को प्रति प्रसूता के हिसाब से प्रतिदिन का 90 रुपये भुगतान किया जाता है।
सीएचसी अखंडनगर में बुधवार सुबह गर्भवती चांदनी पत्नी दिनेश निवासी संसारपट्टी जिला जौनपुर भर्ती हुईं। चांदनी के साथ आए परिवारीजनों ने बताया कि उन्हें न भोजन मिला और न ही चाय दी गई। चाय और बिस्किट खुद खरीदकर लाए हैं। इसी सीएचसी में गर्भवती कुसुम पत्नी अवधेश चौहान निवासी डोमापुर अखंडनगर जिला सुल्तानपुर ने बताया कि बुधवार सुबह 10 बजे भर्ती हुई हैं। सीएचसी में कुछ नहीं दिया गया। चाय और नाश्ता अपने पैसे से मंगाई हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. रमेश यादव ने बताया कि ठेकेदार ने भोजन और नाश्ते की व्यवस्था नहीं की है।
सीएचसी दोस्तपुर में शिवांगी पत्नी प्रमोद कुमार निवासी बस्ती पहाड़पुर ने बताया कि वह मंगलवार को प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती हुई थी, देर शाम उसे बच्चा पैदा हुआ। सीएचसी में न मंगलवार और न ही बुधवार को भोजन या नाश्ता मिला। परिवारीजन घर से भोजन और नाश्ता लेकर आए और उसे खिलाया। सीएचसी अधीक्षक अजीत यादव ने बताया कि भोजन व नाश्ता देने वाला ठेकेदार एक वर्ष से नहीं आ रहा है। खुद की व्यवस्था से किसी तरह प्रसूताओं को पूड़ी, सब्जी, खिचड़ी व दाल रोटी खिलाता हूं।
सीएचसी कुड़वार में मंगलवार को सफीना निवासी नई बस्ती गभड़िया हसनपुर और मधु प्रजापति निवासी उतरदहा प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती हुई थीं। रात में दोनों का प्रसव हुआ। दोनों प्रसूताओं ने बताया कि भोजन और नाश्ता मिला। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनवर आलम खान ने बताया कि प्रसूताओं को भोजन व नाश्ता मिल रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि सीएचसी में भोजन व नाश्ता की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ है, इसके बाद भी उसने एक स्थानीय व्यक्ति को खाना व नाश्ता बनाकर हर हाल में सीएचसी पर आपूर्ति करने को कहा है।
सीएमओ डॉ. डीके त्रिपाठी ने बताया कि जिले की 14 सीएचसी पर भोजन व नाश्ता देने के लिए मेसर्स ममता को ठेका दिया गया है। अगस्त 2021 के बाद प्रसूताओं को भोजन व नाश्ता देने के लिए बजट नहीं मिला है। इस वजह से संबंधित ठेकेदार को भुगतान नहीं किया गया है। शासन से बजट मांगा गया है। शासन ने बजट देने का आश्वासन दिया है।