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Sultanpur News: 100 बेड अस्पताल में रातभर बिजली ठप, अंधेरे में बेहाल रहे मरीज
Fri, 11 Sep 2026 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:05 AM IST
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सेमरी बाजार। विरसिंहपुर स्थित 100 शैय्या संयुक्त अस्पताल में बुधवार रात 12 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। करीब दस घंटे तक बिजली न होने से वार्डों में भर्ती मरीज और तीमारदार गर्मी व उमस से बेहाल रहे।
कई तीमारदार मरीजों को हाथ से पंखा झलते नजर आए। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से अस्पताल में होने वाली जांचें और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होने का भी आरोप है।
शनिवार को जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने विरसिंहपुर अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बुधवार रात अस्पताल की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। तीमारदार प्रभावती ने बताया कि पति की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। रात में काफी देर तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। गर्मी से परेशान होकर रातभर हाथ से पंखा झलना पड़ा। वहीं, राम स्वारथ ने बताया कि बिजली जाने के बाद जनरेटर चलने की उम्मीद थी, लेकिन काफी देर तक राहत नहीं मिली। वार्ड में भर्ती मरीज गर्मी से परेशान रहे।
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आप प्रवक्ता वंशराज दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अस्पताल की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रात 12 बजे से बिजली नहीं थी और मरीजों के तीमारदार हाथ से पंखा झलने को मजबूर रहे। अस्पताल में जनरेटर के डीजल बजट पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जनरेटर में तकनीकी खराबी से नहीं चला
सीएमएस डॉ. गिरीश कुमार पांडेय ने बताया कि बिजली बाधित होने की जानकारी मिलते ही संबंधित इंजीनियर को बुलाया गया था। जनरेटर में तकनीकी समस्या थी। बिजली आपूर्ति सुबह करीब 10 बजे बहाल हो गई थी।
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कई तीमारदार मरीजों को हाथ से पंखा झलते नजर आए। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से अस्पताल में होने वाली जांचें और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होने का भी आरोप है।
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शनिवार को जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने विरसिंहपुर अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद बुधवार रात अस्पताल की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। तीमारदार प्रभावती ने बताया कि पति की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। रात में काफी देर तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई। गर्मी से परेशान होकर रातभर हाथ से पंखा झलना पड़ा। वहीं, राम स्वारथ ने बताया कि बिजली जाने के बाद जनरेटर चलने की उम्मीद थी, लेकिन काफी देर तक राहत नहीं मिली। वार्ड में भर्ती मरीज गर्मी से परेशान रहे।
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आप प्रवक्ता वंशराज दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अस्पताल की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रात 12 बजे से बिजली नहीं थी और मरीजों के तीमारदार हाथ से पंखा झलने को मजबूर रहे। अस्पताल में जनरेटर के डीजल बजट पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जनरेटर में तकनीकी खराबी से नहीं चला
सीएमएस डॉ. गिरीश कुमार पांडेय ने बताया कि बिजली बाधित होने की जानकारी मिलते ही संबंधित इंजीनियर को बुलाया गया था। जनरेटर में तकनीकी समस्या थी। बिजली आपूर्ति सुबह करीब 10 बजे बहाल हो गई थी।