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बिजली की मांग का रिकॉर्ड टूटा, कटौती ने किया परेशान
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सुल्तानपुर। जिले में जारी उमस भरी गर्मी में बिजली की खपत और डिमांड का रिकॉर्ड टूट गया है। जिलेे में बिजली की मांग 214 मेगावाट तक पहुंच गई है। मांग के सापेक्ष आपूर्ति नहीं मिलने से व्यवस्था चरमरा गई है। लोड बढ़ने से संयंत्रों में खराबी आ रही है। इसकी वजह से उपभोक्ताओं के साथ वितरण खंड की भी परेशानी बढ़ गई है।
बारिश नहीं होने से पखवारे भर से अधिक समय से भीषण उमस जारी है। भीषण उमस में बिजली का लोड़ लगातार बढ़ता जा रहा है। अमूमन सामान्य दिनों में 125 से 140 मेगावाट तक रहने वाली डिमांड मौजूदा समय में 214 मेगावाट के ऊपर पहुंच गई है।
डिमांड के सापेक्ष आपूर्ति नहीं मिलने का असर वितरण खंड के फीडरों व उपकेंद्रों पर पड़ रहा है। लोड बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। घरों में गर्मी से बचाव के साथ अन्य बिजली उपकरणों के एक साथ चलने से सिस्टम पर लोड एकाएक बढ़ गया है।
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इसकी वजह से संयंत्रों में रोजाना खराबी आ रही है। ट्रांसफार्मर फुंकने व लाइन में खराबी की समस्या बढ़ती जा रही है। विद्युत वितरण पर खराब ट्रांसफार्मर बदलने का दबाव बढ़ता जा रहा है। रोजाना संयंत्रों में आ रही खराबी को देखते हुए अधिकारी अब ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों में बिना रोस्टिंग के कटौती कर अपने सिस्टम को बचाने में लगे हैं। मांग के सापेक्ष आपूर्ति नहीं मिलने से उपभोक्ता उमस भरी गर्मी में परेशान हो गए हैं।
43 उपकेंद्रों से जिले में हो रही आपूर्ति
जिले में मौजूदा समय में विद्युत वितरण के 43 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। उमस भरी गर्मी में लोड एकाएक बढ़ने से सभी उपकेंद्रों का संतुलन गड़बड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित 18 घंटे व तहसील मुख्यालय को 20 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। शहर के भी कुछ क्षेत्रों छोड़ अधिकांश क्षेत्र से कटौती से गुजर रहे हैं। हालांकि अधिकारी पूरी आपूर्ति का दावा कर रहे हैं।
वितरण उपकेंद्रों को दी जा रही पूरी बिजली
विद्युत पारेषण के अधीक्षण अभियंता मोहम्मद रजा ने बताया कि मौजूदा समय में मौसम की वजह से बिजली की डिमांड बढ़ गई है। लंभुआ, कादीपुर, गोसैसिंहपुर व पयागीपुर स्थित पारेषण उपकेंद्रों पर लोड बढ़ने से कुछ दिक्कतें आ रही हैं लेकिन वितरण उपकेंद्रों को तकरीबन पूरी आपूर्ति दी जा रही है।
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बारिश नहीं होने से पखवारे भर से अधिक समय से भीषण उमस जारी है। भीषण उमस में बिजली का लोड़ लगातार बढ़ता जा रहा है। अमूमन सामान्य दिनों में 125 से 140 मेगावाट तक रहने वाली डिमांड मौजूदा समय में 214 मेगावाट के ऊपर पहुंच गई है।
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डिमांड के सापेक्ष आपूर्ति नहीं मिलने का असर वितरण खंड के फीडरों व उपकेंद्रों पर पड़ रहा है। लोड बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। घरों में गर्मी से बचाव के साथ अन्य बिजली उपकरणों के एक साथ चलने से सिस्टम पर लोड एकाएक बढ़ गया है।
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इसकी वजह से संयंत्रों में रोजाना खराबी आ रही है। ट्रांसफार्मर फुंकने व लाइन में खराबी की समस्या बढ़ती जा रही है। विद्युत वितरण पर खराब ट्रांसफार्मर बदलने का दबाव बढ़ता जा रहा है। रोजाना संयंत्रों में आ रही खराबी को देखते हुए अधिकारी अब ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों में बिना रोस्टिंग के कटौती कर अपने सिस्टम को बचाने में लगे हैं। मांग के सापेक्ष आपूर्ति नहीं मिलने से उपभोक्ता उमस भरी गर्मी में परेशान हो गए हैं।
43 उपकेंद्रों से जिले में हो रही आपूर्ति
जिले में मौजूदा समय में विद्युत वितरण के 43 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। उमस भरी गर्मी में लोड एकाएक बढ़ने से सभी उपकेंद्रों का संतुलन गड़बड़ा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों को निर्धारित 18 घंटे व तहसील मुख्यालय को 20 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। शहर के भी कुछ क्षेत्रों छोड़ अधिकांश क्षेत्र से कटौती से गुजर रहे हैं। हालांकि अधिकारी पूरी आपूर्ति का दावा कर रहे हैं।
वितरण उपकेंद्रों को दी जा रही पूरी बिजली
विद्युत पारेषण के अधीक्षण अभियंता मोहम्मद रजा ने बताया कि मौजूदा समय में मौसम की वजह से बिजली की डिमांड बढ़ गई है। लंभुआ, कादीपुर, गोसैसिंहपुर व पयागीपुर स्थित पारेषण उपकेंद्रों पर लोड बढ़ने से कुछ दिक्कतें आ रही हैं लेकिन वितरण उपकेंद्रों को तकरीबन पूरी आपूर्ति दी जा रही है।