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प्रदूषण से निजात दिलाएगा फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट
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निर्माणाधीन प्लांट का निरीक्षण करते जल निगम के अधिकारी।
- फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। शहर को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए अमृत योजना के तहत 90 लाख की लागत से चुनहा क्षेत्र में 25 केएलडी क्षमता के फीकल स्लज को-ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इस प्लांट के जरिए शहर के घरों के सेप्टिक टैंक से मलबा निकाल कर यहां लाया जाएगा। यहां पर उसे जैविक खाद में परिवर्तित किया जाएगा। प्लांट के सिविल वर्क का कार्य जल निगम की ओर से पूरा कर लिया गया है। मैकेनिकल वर्क का कार्य भी प्रगति पर है। जल्द ही यह भी पूरा हो जाएगा।
शहर में अभी घरों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाला मलबा व दूषित पदार्थ सीधे नाली में जाता है। इससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। अमृत योजना के तहत जल निगम की स्थानीय इकाई की ओर से शहर से सटे चुनहा इलाके में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के बगल स्थित भूखंड पर 25 केएलडी फीकल स्लज को-ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पिछले वर्ष जून माह में शुरू कराया गया। 90 लाख रुपये की लागत से बनने वाले प्लांट का निर्माण अभी प्रगति पर है। जल निगम ने इसका सिविल वर्क पूरा कर लिया गया है। इसके तहत कलेक्शन पिट, कंपोस्ट पिट, फिल्ट्रेशन पिट, स्काडा रूम व ऑफिस का निर्माण पूरा हो गया है। अभी मैकेनिकल वर्क के तहत पंप इंस्टालेशन, स्क्रू मशीन, वैक्यूम रैंप समेत कुछ कार्य प्रगति पर है। इन्हें भी जल्द पूरा किए जाने की उम्मीद है।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां पर शहर के घरों में बने सेप्टिक टैंक से निकलने वाले मलबे को वाहनों से लाया जाएगा। इसके बाद मशीनों के माध्यम से मलबे को जैविक खाद में परिवर्तित किया जाएगा। यहां मलबा लाने के बाद उसकी खपत होगी। इससे बनने वाली गैस को प्लांट चलाने के लिए ईंधन के रूप में उपयोग किया जाएगा। इससे शहर में लगे सीवरेज सिस्टम पर निर्भरता कम होगी। प्लांट का संचालन होने से शहर वासियों को प्रदूषण से निजात मिलेगी। जल निगम के अवर अभियंता सुधीर यादव ने बताया कि प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। गत बृहस्पतिवार को जल निगम के अधीक्षण अभियंता पंकज यादव ने प्लांट के निर्माण की प्रगति का स्थलीय अवलोकन किया था। उम्मीद है कि निर्माण कार्य नए वित्तीय वर्ष से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
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शहर में अभी घरों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाला मलबा व दूषित पदार्थ सीधे नाली में जाता है। इससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। अमृत योजना के तहत जल निगम की स्थानीय इकाई की ओर से शहर से सटे चुनहा इलाके में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के बगल स्थित भूखंड पर 25 केएलडी फीकल स्लज को-ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पिछले वर्ष जून माह में शुरू कराया गया। 90 लाख रुपये की लागत से बनने वाले प्लांट का निर्माण अभी प्रगति पर है। जल निगम ने इसका सिविल वर्क पूरा कर लिया गया है। इसके तहत कलेक्शन पिट, कंपोस्ट पिट, फिल्ट्रेशन पिट, स्काडा रूम व ऑफिस का निर्माण पूरा हो गया है। अभी मैकेनिकल वर्क के तहत पंप इंस्टालेशन, स्क्रू मशीन, वैक्यूम रैंप समेत कुछ कार्य प्रगति पर है। इन्हें भी जल्द पूरा किए जाने की उम्मीद है।
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निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहां पर शहर के घरों में बने सेप्टिक टैंक से निकलने वाले मलबे को वाहनों से लाया जाएगा। इसके बाद मशीनों के माध्यम से मलबे को जैविक खाद में परिवर्तित किया जाएगा। यहां मलबा लाने के बाद उसकी खपत होगी। इससे बनने वाली गैस को प्लांट चलाने के लिए ईंधन के रूप में उपयोग किया जाएगा। इससे शहर में लगे सीवरेज सिस्टम पर निर्भरता कम होगी। प्लांट का संचालन होने से शहर वासियों को प्रदूषण से निजात मिलेगी। जल निगम के अवर अभियंता सुधीर यादव ने बताया कि प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। गत बृहस्पतिवार को जल निगम के अधीक्षण अभियंता पंकज यादव ने प्लांट के निर्माण की प्रगति का स्थलीय अवलोकन किया था। उम्मीद है कि निर्माण कार्य नए वित्तीय वर्ष से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
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