{"_id":"649c7f687197cf5ac50271d4","slug":"patient-will-get-rs-888-lakh-compensation-sultanpur-news-c-13-1-311301-2023-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: मरीज को मिलेगी 8.88 लाख रुपये क्षतिपूर्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: मरीज को मिलेगी 8.88 लाख रुपये क्षतिपूर्ति
Thu, 29 Jun 2023 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 29 Jun 2023 12:13 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। ऑपरेशन में चिकित्सक पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए दायर परिवाद में जिला उपभोक्ता फोरम ने पीड़ित के पक्ष के फैसला सुनाया है। फोरम ने चिकित्सक को आदेश दिया है कि वह पीड़ित को 8.88 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दो माह में अदा करें। मामला कोतवाली नगर के विवेक नगर मोहल्ले से जुड़ा है।
शहर के विवेक नगर मोहल्ले के निवासी डॉ. जितेंद्र तिवारी का बायां पैर 22 अगस्त 2011 को टूट गया था। इलाज कराने के लिए वे शहर के गोलाघाट स्थित सुल्तानपुर हॉस्पिटल एंड आर्थो सेंटर में डॉ. पीके पांडेय के पास गए थे जहां उन्हें एक्स-रे कराने के बाद प्लेट डालने की सलाह की दी गई थी।
23 अगस्त 2021 को डॉ. पीके पांडेय ने जितेंद्र तिवारी के पैर का ऑपरेशन किया था। आरोप है कि चिकित्सक ने ऑपरेशन में लापरवाही की थी जिससे पैर ठीक नहीं हो पाया था। पैर में डाली गई प्लेट नीचे दब गई और रक्त संचार न होने के कारण सड़न शुरू हो गई थी।
विज्ञापन
छह सितंबर 2011 को दोबारा डॉ. पीके पांडेय ने ऑपरेशन करके मांसपेशियों को काटकर निकाल दिया था। ऑपरेशन के लिए जितेंद्र तिवारी से 68,000 रुपये ले लिए गए थे। उनसे चिकित्सक ने टूटी हुई हड्डी जुड़ जाने की बात कहते हुए फिजियोथिरैपी कराने की सलाह दी थी।
फिजियोथिरैपी कराने में जितेंद्र के करीब 80,000 रुपये खर्च हो गए लेकिन आराम नहीं हुआ और पैर में 45 फीसदी की निशक्तता आ गई। इस दौरान जितेंद्र ने कई अस्पतालों में भी इलाज कराया था। जितेंद्र ने डॉ. पीके पांडेय के खिलाफ 10 नवंबर 2014 को जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था। फोरम के अध्यक्ष राम लखन सिंह चंद्रौल, सदस्य पुष्पा सिंह व भारत भूषण तिवारी ने आदेश दिया है कि डॉ. पीके पांडेय परिवादी जितेंद्र तिवारी को 8.88 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करें।
विज्ञापन
शहर के विवेक नगर मोहल्ले के निवासी डॉ. जितेंद्र तिवारी का बायां पैर 22 अगस्त 2011 को टूट गया था। इलाज कराने के लिए वे शहर के गोलाघाट स्थित सुल्तानपुर हॉस्पिटल एंड आर्थो सेंटर में डॉ. पीके पांडेय के पास गए थे जहां उन्हें एक्स-रे कराने के बाद प्लेट डालने की सलाह की दी गई थी।
विज्ञापन
23 अगस्त 2021 को डॉ. पीके पांडेय ने जितेंद्र तिवारी के पैर का ऑपरेशन किया था। आरोप है कि चिकित्सक ने ऑपरेशन में लापरवाही की थी जिससे पैर ठीक नहीं हो पाया था। पैर में डाली गई प्लेट नीचे दब गई और रक्त संचार न होने के कारण सड़न शुरू हो गई थी।
विज्ञापन
छह सितंबर 2011 को दोबारा डॉ. पीके पांडेय ने ऑपरेशन करके मांसपेशियों को काटकर निकाल दिया था। ऑपरेशन के लिए जितेंद्र तिवारी से 68,000 रुपये ले लिए गए थे। उनसे चिकित्सक ने टूटी हुई हड्डी जुड़ जाने की बात कहते हुए फिजियोथिरैपी कराने की सलाह दी थी।
फिजियोथिरैपी कराने में जितेंद्र के करीब 80,000 रुपये खर्च हो गए लेकिन आराम नहीं हुआ और पैर में 45 फीसदी की निशक्तता आ गई। इस दौरान जितेंद्र ने कई अस्पतालों में भी इलाज कराया था। जितेंद्र ने डॉ. पीके पांडेय के खिलाफ 10 नवंबर 2014 को जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था। फोरम के अध्यक्ष राम लखन सिंह चंद्रौल, सदस्य पुष्पा सिंह व भारत भूषण तिवारी ने आदेश दिया है कि डॉ. पीके पांडेय परिवादी जितेंद्र तिवारी को 8.88 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करें।