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Sultanpur News: मामूली बारिश में ही बह गई कागजी तैयारी
Tue, 05 May 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 05 May 2026 12:39 AM IST
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दोस्तपुर नगर पंचायत क्षेत्र में दुकान में घुसा बारिश का पानी। -संवाद
सुल्तानपुर। महज आधे घंटे की बारिश ने सोमवार को शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई झमाझम बारिश ने देखते ही देखते सड़कों को तालाब में बदल दिया। नालों-नालियों की सफाई न होने से पानी घरों और गलियों में घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। वहीं ग्रामीण इलाकों में बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
शहर के दरियापुर, लखनऊ नाका, राइन नगर समेत कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। गभड़िया नाले के पास वर्षों पुरानी समस्या फिर सामने आ गई। लोगों का कहना है कि नाले का ढाल सही न होने से हर बारिश में यही हाल होता है।
राम प्रसाद, शिवकुमार, नितिन, जयप्रकाश और उर्मिला समेत कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थायी समाधान की मांग की। बारिश थमने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए। दिनभर धूप और छांव का खेल चलता रहा, लेकिन सड़कों पर जमा पानी और कीचड़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाए रखीं। कई मोहल्लों में लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
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उधर, बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से करीब 9 डिग्री कम रहा। मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से आगे भी हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
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शहर के दरियापुर, लखनऊ नाका, राइन नगर समेत कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई। गभड़िया नाले के पास वर्षों पुरानी समस्या फिर सामने आ गई। लोगों का कहना है कि नाले का ढाल सही न होने से हर बारिश में यही हाल होता है।
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राम प्रसाद, शिवकुमार, नितिन, जयप्रकाश और उर्मिला समेत कई स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थायी समाधान की मांग की। बारिश थमने के बाद भी हालात सामान्य नहीं हुए। दिनभर धूप और छांव का खेल चलता रहा, लेकिन सड़कों पर जमा पानी और कीचड़ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाए रखीं। कई मोहल्लों में लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
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उधर, बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से करीब 9 डिग्री कम रहा। मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से आगे भी हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।