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Sultanpur News: दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी व डीजीपी को आदेश
Sat, 01 Nov 2025 11:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 01 Nov 2025 11:22 PM IST
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सुल्तानपुर। बाइक चोरी व बरामदगी के मामले में जेल गए हिस्ट्रीशीटर की जमानत अर्जी पर सुनवाई चली। कोर्ट की चेतावनी के बाद में विवेचक शेख नईम की तरफ से केस डायरी नहीं पेश किया जा सकी। विवेचक की कार्यशैली से नाराज एडीजे तृतीय राकेश पांडेय की अदालत ने उपलब्ध सबूतों के अनुसार आरोपी की जमानत के लिए पर्याप्त आधार पाते हुए शुक्रवार को आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
कोर्ट ने विवेचक की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए एसपी अमेठी और डीजीपी को आदेश की प्रति भेजने का आदेश दिया है।
अमेठी जिले के जगदीशपुर के प्रेमगढ़ निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने 31 जुलाई की रात अपनी बाइक चोरी का केस स्थानीय थाने में बीते आठ सितंबर को अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराया। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक शेख नईम को दी गई। विवेचक ने रायबरेली जिले के महराजगंज थाने के खैराना निवासी इमरान का नाम प्रकाश में लाया। उसके पास से चोरी की बाइक बरामदगी बताते हुए जेल भेजने की कार्रवाई की।
आरोपी इमरान की तरफ से 10 अक्तूबर को सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई। विवेचक ने आरोपी की लंबी क्रिमिनल हिस्ट्री भी बताई।
सुनवाई के दौरान इमरान के अधिवक्ता ने दरोगा के जरिये फर्जी तरीके से कई मामलों में फंसाने का तर्क पेश किए। कोर्ट ने विवेचक को केस डायरी पेश करने का आदेश दिया, लेकिन उनकी तरफ से मौका लिया जाता रहा। पिछली पेशी पर कोर्ट ने उन्हें केस डायरी पेश करने के लिए अंतिम अवसर देते हुए चेतावनी दी थी।
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विवेचक ने केस डायरी नहीं पेश की और पैरोकार के माध्यम से मौका देने की मांग किया। विवेचक की लापरवाही को देखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर लिया।
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कोर्ट ने विवेचक की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के लिए एसपी अमेठी और डीजीपी को आदेश की प्रति भेजने का आदेश दिया है।
अमेठी जिले के जगदीशपुर के प्रेमगढ़ निवासी पुष्पेंद्र सिंह ने 31 जुलाई की रात अपनी बाइक चोरी का केस स्थानीय थाने में बीते आठ सितंबर को अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराया। प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक शेख नईम को दी गई। विवेचक ने रायबरेली जिले के महराजगंज थाने के खैराना निवासी इमरान का नाम प्रकाश में लाया। उसके पास से चोरी की बाइक बरामदगी बताते हुए जेल भेजने की कार्रवाई की।
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आरोपी इमरान की तरफ से 10 अक्तूबर को सेशन कोर्ट में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई। विवेचक ने आरोपी की लंबी क्रिमिनल हिस्ट्री भी बताई।
सुनवाई के दौरान इमरान के अधिवक्ता ने दरोगा के जरिये फर्जी तरीके से कई मामलों में फंसाने का तर्क पेश किए। कोर्ट ने विवेचक को केस डायरी पेश करने का आदेश दिया, लेकिन उनकी तरफ से मौका लिया जाता रहा। पिछली पेशी पर कोर्ट ने उन्हें केस डायरी पेश करने के लिए अंतिम अवसर देते हुए चेतावनी दी थी।
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विवेचक ने केस डायरी नहीं पेश की और पैरोकार के माध्यम से मौका देने की मांग किया। विवेचक की लापरवाही को देखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर लिया।