{"_id":"65ac1576ebabb835440ed78e","slug":"order-to-pay-compensation-of-rs-5-lakh-sultanpur-news-c-103-1-slko1046-8617-2024-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश
Sun, 21 Jan 2024 12:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 21 Jan 2024 12:18 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। कोतवाली नगर क्षेत्र के सिविल लाइन निवासी भूपेंद्र सिंह ने बस स्टेशन के पास स्थित एक्सिस बैंक में 31 जुलाई 2012 को खाता खोलवाया था। उन्होंने पत्नी ऊषा सिंह को नामिनी बनाया था। बैंक से भूपेंद्र सिंह को प्लेटिनम डेविड कार्ड मिला था। प्लेटिनम डेविड कार्डधारक का पांच लाख रुपये का दुर्घटना बीमा था।
31 अगस्त 2012 को भूपेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी ऊषा सिंह ने क्षतिपूर्ति के लिए बैंक में आवेदन किया लेकिन बैंक ने क्षतिपूर्ति देने से इन्कार कर दिया थान्पहली एक जनवरी 2014 को ऊषा सिंह ने बैंक के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था। फोरम के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंदौल व सदस्य भारत भूषण तिवारी ने सुनवाई करने के बाद शनिवार को परिवादी ऊषा सिंह के पक्ष में फैसला सुनाया है।
फोरम ने एक्सिस बैंक को आदेश दिया है कि वह परिवादी को पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का दो माह के अंदर भुगतान करे। इसके अलावा शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए तीन हजार रुपये और केस का खर्च दो हजार रुपये भी बैंक को देना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
31 अगस्त 2012 को भूपेंद्र सिंह की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी ऊषा सिंह ने क्षतिपूर्ति के लिए बैंक में आवेदन किया लेकिन बैंक ने क्षतिपूर्ति देने से इन्कार कर दिया थान्पहली एक जनवरी 2014 को ऊषा सिंह ने बैंक के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था। फोरम के अध्यक्ष रामलखन सिंह चंदौल व सदस्य भारत भूषण तिवारी ने सुनवाई करने के बाद शनिवार को परिवादी ऊषा सिंह के पक्ष में फैसला सुनाया है।
विज्ञापन
फोरम ने एक्सिस बैंक को आदेश दिया है कि वह परिवादी को पांच लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का दो माह के अंदर भुगतान करे। इसके अलावा शारीरिक व मानसिक कष्ट के लिए तीन हजार रुपये और केस का खर्च दो हजार रुपये भी बैंक को देना पड़ेगा।
विज्ञापन