{"_id":"5d2e08e98ebc3e6d1c214d46","slug":"order-to-file-case-on-hospital-operator-sultanpur-news-lko4710836113","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल संचालक पर केस दर्ज करने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल संचालक पर केस दर्ज करने का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौरीगंज। अस्पताल संचालक की लापरवाही से हुई गर्भवती की मौत के बाद करीब दो माह से डीएम व एसपी कार्यालय का चक्कर लगा रहे पीड़ित को आखिरकार मंगलवार को न्याय मिल ही गया। डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल केस दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया है।
थाना क्षेत्र मुंशीगंज के गांव जूठीपुर निवासी शिवाकांत मिश्र ने पिछले 29 अप्रैल को अपनी पत्नी पद्मा को प्रसव पीड़ा होने पर शहर स्थित यश हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।
चिकित्सक ने उसी रात ऑपरेशन कर प्रसव भी कराया। चिकित्सकों की लापरवाही से दो दिन बाद पद्मा की हालत बिगडने लगी तो उसे रेफर कर दिया गया। पीड़ित उसे लेकर लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल गया, जहां इलाज के दौरान दस मई को पद्मा की मौत हो गई।
विज्ञापन
मौत के बाद परिवारीजनों ने अस्पताल व कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर पद्मा के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराने की मांग की थी।
तत्कालीन डीएम डॉ. राम मनोहर मिश्र के आदेश पर सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने टीम गठित कर जांच कराई तो अस्पताल की बड़े पैमाने पर लापरवाही उजागर हुई।
सीएमओ ने लापरवाही मिलने पर अस्पताल का लाइसेंस तत्काल निरस्त करते हुए केस दर्ज कराने की संस्तुति सहित रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। करीब दो माह से पीड़ित डीएम व एसपी कार्यालय का चक्कर लगा रहा था लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
मंगलवार को पीड़ित कलेक्ट्रेट में आयोजित तहसील दिवस पहुंचा और नवागत डीएम प्रशांत शर्मा के समक्ष पेश होकर अपनी पीड़ा सुनाई।
डीएम ने दिवस में मौजूद सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव से प्रकरण के बारे में पूछा तो उन्होंने अस्पताल की ओर से लापरवाही बरते जाने की बात कहते हुए रिपोर्ट करीब दो माह पहले भेजने की बात कही। डीएम ने पुलिस को सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज करने का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र मुंशीगंज के गांव जूठीपुर निवासी शिवाकांत मिश्र ने पिछले 29 अप्रैल को अपनी पत्नी पद्मा को प्रसव पीड़ा होने पर शहर स्थित यश हॉस्पिटल में भर्ती कराया था।
विज्ञापन
चिकित्सक ने उसी रात ऑपरेशन कर प्रसव भी कराया। चिकित्सकों की लापरवाही से दो दिन बाद पद्मा की हालत बिगडने लगी तो उसे रेफर कर दिया गया। पीड़ित उसे लेकर लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल गया, जहां इलाज के दौरान दस मई को पद्मा की मौत हो गई।
विज्ञापन
मौत के बाद परिवारीजनों ने अस्पताल व कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर पद्मा के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराने की मांग की थी।
तत्कालीन डीएम डॉ. राम मनोहर मिश्र के आदेश पर सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव ने टीम गठित कर जांच कराई तो अस्पताल की बड़े पैमाने पर लापरवाही उजागर हुई।
सीएमओ ने लापरवाही मिलने पर अस्पताल का लाइसेंस तत्काल निरस्त करते हुए केस दर्ज कराने की संस्तुति सहित रिपोर्ट डीएम को भेजी थी। करीब दो माह से पीड़ित डीएम व एसपी कार्यालय का चक्कर लगा रहा था लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई।
मंगलवार को पीड़ित कलेक्ट्रेट में आयोजित तहसील दिवस पहुंचा और नवागत डीएम प्रशांत शर्मा के समक्ष पेश होकर अपनी पीड़ा सुनाई।
डीएम ने दिवस में मौजूद सीएमओ डॉ. आरएम श्रीवास्तव से प्रकरण के बारे में पूछा तो उन्होंने अस्पताल की ओर से लापरवाही बरते जाने की बात कहते हुए रिपोर्ट करीब दो माह पहले भेजने की बात कही। डीएम ने पुलिस को सीएमओ की रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज करने का आदेश जारी किया है।