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साल भर बाद भी ऑपरेशन कायाकल्प से संतृप्त नहीं हो सके परिषदीय विद्यालय
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सुल्तानपुर। सरकार के निर्देश पर ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाएं विकसित होनी थी। इसके लिए 31 मार्च 2020 की समय सीमा दी गई थी। समय सीमा बीतने में महज 17 दिन बाकी हैं लेकिन जिले के 10 प्रतिशत विद्यालय भी ऑपरेशन कायाकल्प से संतृप्त नहीं हो सके हैं।
शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों के सहयोग से परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत सात बिंदुओं पर काम करने का लक्ष्य रखा गया था। ऑपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों को संतृप्त करने के लिए 31 मार्च 2020 अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत जो सात बिंदु दिए गए थे, उसमें ब्लैक बोर्ड की स्थापना, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन, स्वच्छ पेयजल व मल्टीपल हैंडवॉशिंग की सुविधा, विद्यालय की दीवारों, छत, फर्श की मरम्मत व टाइल्स लगवाना, खिड़की दरवाजों की मरम्मत, विद्युतीकरण, किचन शेड का जीर्णोद्धार तथा रंगाई-पुताई शामिल हैं।
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इन सात कामों के लिए स्कूली शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने निर्देश जारी किए थे कि ग्राम पंचायतों के प्रधान एवं पंचायत सचिव के माध्यम ऑपरेशन कायाकल्प का काम कराया जाना है।
विद्यालय में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित करने का मूल उद्देश्य यह है कि स्कूलों में अपेक्षित शैक्षणिक वातावरण सृजित हो सके लेकिन अभी तक जिले के 2,347 विद्यालयों में मात्र 117 विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवॉशिंग की व्यवस्था हो सकी है।
लगभग 400 विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत काम शुरू हो सका है लेकिन पूरा किसी भी विद्यालय में नहीं हुआ है। बाकी विद्यालयों में न तो काम शुरू हुआ है और न ही कोई कार्य योजना ही तैयार हुई है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत चल रहे काम की प्रगति को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि 31 मार्च तक लक्ष्य हासिल करना कतई संभव नहीं है।
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शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों के सहयोग से परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत सात बिंदुओं पर काम करने का लक्ष्य रखा गया था। ऑपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों को संतृप्त करने के लिए 31 मार्च 2020 अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी।
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ऑपरेशन कायाकल्प के तहत जो सात बिंदु दिए गए थे, उसमें ब्लैक बोर्ड की स्थापना, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन, स्वच्छ पेयजल व मल्टीपल हैंडवॉशिंग की सुविधा, विद्यालय की दीवारों, छत, फर्श की मरम्मत व टाइल्स लगवाना, खिड़की दरवाजों की मरम्मत, विद्युतीकरण, किचन शेड का जीर्णोद्धार तथा रंगाई-पुताई शामिल हैं।
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इन सात कामों के लिए स्कूली शिक्षा के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने निर्देश जारी किए थे कि ग्राम पंचायतों के प्रधान एवं पंचायत सचिव के माध्यम ऑपरेशन कायाकल्प का काम कराया जाना है।
विद्यालय में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं विकसित करने का मूल उद्देश्य यह है कि स्कूलों में अपेक्षित शैक्षणिक वातावरण सृजित हो सके लेकिन अभी तक जिले के 2,347 विद्यालयों में मात्र 117 विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवॉशिंग की व्यवस्था हो सकी है।
लगभग 400 विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत काम शुरू हो सका है लेकिन पूरा किसी भी विद्यालय में नहीं हुआ है। बाकी विद्यालयों में न तो काम शुरू हुआ है और न ही कोई कार्य योजना ही तैयार हुई है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत चल रहे काम की प्रगति को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि 31 मार्च तक लक्ष्य हासिल करना कतई संभव नहीं है।