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Sultanpur News: 28 अक्तूबर को स्कूलों में ई-कचरा प्रबंधन का पाठ पढ़ेंगे विद्यार्थी
Sat, 24 Oct 2026 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:22 AM IST
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सुल्तानपुर। पुराने मोबाइल, खराब चार्जर और इस्तेमाल की गई बैटरियों का सही निस्तारण क्यों जरूरी है, अब विद्यार्थी भी इसकी जानकारी हासिल करेंगे। 28 अक्तूबर को जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विशेष अभियान-6.0 के तहत बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और ई-कचरे के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कार्यक्रम कराने के निर्देश दिए हैं।
एडीआईओएस जटाशंकर ने बताया कि सुबह की प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को ई-कचरे के नुकसान और उसके सुरक्षित निस्तारण की जानकारी दी जाएगी। प्रश्नोत्तरी आयोजित करने के साथ जागरूकता संबंधी सामग्री भी दिखाई जाएगी। कार्यक्रम में बच्चों को बताया जाएगा कि मोबाइल फोन, चार्जर, कंप्यूटर, लैपटॉप, टेलीविजन और इस्तेमाल की गई बैटरियां ई-कचरे में शामिल हैं। इनमें मौजूद कुछ हानिकारक पदार्थ मिट्टी और पानी को प्रदूषित कर सकते हैं। ऐसे उपकरणों को घरेलू कचरे में फेंकने या खुले में जलाने से बचना चाहिए।
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इनसेट
उपकरण जरूरतमंदों को देने के लिए करेंगे प्रेरित
डीआईओएस सूर्य प्रकाश सिंह के मुताबिक विद्यार्थियों को सिखाया जाएगा कि ई-कचरे को दूसरे कचरे से अलग रखें और उसे अधिकृत संग्रह केंद्र या पुनर्चक्रणकर्ता को सौंपें। पुराने उपकरणों की मरम्मत कर दोबारा इस्तेमाल करने और काम करने वाले उपकरण जरूरतमंदों को देने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
अधिकृत संस्थाओं से संपर्क करेंगे स्कूल
ई-कचरे के उचित निस्तारण के लिए विद्यालयों को अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं और पुराने उपकरणों को दोबारा उपयोग के लायक बनाने वाली संस्थाओं से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के बाद सभी विद्यालयों को गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी विकसित करना है।
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विशेष अभियान-6.0 के तहत बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और ई-कचरे के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कार्यक्रम कराने के निर्देश दिए हैं।
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एडीआईओएस जटाशंकर ने बताया कि सुबह की प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को ई-कचरे के नुकसान और उसके सुरक्षित निस्तारण की जानकारी दी जाएगी। प्रश्नोत्तरी आयोजित करने के साथ जागरूकता संबंधी सामग्री भी दिखाई जाएगी। कार्यक्रम में बच्चों को बताया जाएगा कि मोबाइल फोन, चार्जर, कंप्यूटर, लैपटॉप, टेलीविजन और इस्तेमाल की गई बैटरियां ई-कचरे में शामिल हैं। इनमें मौजूद कुछ हानिकारक पदार्थ मिट्टी और पानी को प्रदूषित कर सकते हैं। ऐसे उपकरणों को घरेलू कचरे में फेंकने या खुले में जलाने से बचना चाहिए।
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उपकरण जरूरतमंदों को देने के लिए करेंगे प्रेरित
डीआईओएस सूर्य प्रकाश सिंह के मुताबिक विद्यार्थियों को सिखाया जाएगा कि ई-कचरे को दूसरे कचरे से अलग रखें और उसे अधिकृत संग्रह केंद्र या पुनर्चक्रणकर्ता को सौंपें। पुराने उपकरणों की मरम्मत कर दोबारा इस्तेमाल करने और काम करने वाले उपकरण जरूरतमंदों को देने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
अधिकृत संस्थाओं से संपर्क करेंगे स्कूल
ई-कचरे के उचित निस्तारण के लिए विद्यालयों को अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं और पुराने उपकरणों को दोबारा उपयोग के लायक बनाने वाली संस्थाओं से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के बाद सभी विद्यालयों को गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार कर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी विकसित करना है।