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Sultanpur News: इरादों की रफ्तार के आगे हार गईं बाधाएं, इमरान ने फतह किया हायरॉक्स
Tue, 28 Jul 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:57 PM IST
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व्हीलचेयर पर मो. इमरान। स्रोत- स्वयं
सुल्तानपुर। व्हीलचेयर पर बैठकर भी यदि इरादे मजबूत हों तो मंजिल दूर नहीं रहती। भदैंया ब्लॉक के ज्ञानीपुर निवासी मोहम्मद इमरान ने यही साबित कर दिखाया। उन्होंने 25 जुलाई को नई दिल्ली में हुई हायराॅक्स दिल्ली एडेप्टिव चैलेंज की चुनौतीपूर्ण रेस सफलतापूर्वक पूरी कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया।
24 से 26 जुलाई तक हुई इस अंतरराष्ट्रीय फिटनेस प्रतियोगिता में एडेप्टिव श्रेणी के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता के अनुरूप कठिन फिटनेस स्टेशनों और रेस का संयोजन पूरा करना होता है। व्हीलचेयर यूजर इमरान ने इन सभी चुनौतियों को पार कर अपनी अलग पहचान बनाई। इमरान कई वर्षों से व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को आत्मनिर्भर जीवन, व्हीलचेयर स्किल और फिटनेस के लिए प्रेरित करते रहे हैं। उन्होंने हायराॅक्स चैलेंज में हिस्सा लिया। रेस पूरी करने के बाद इमरान ने कहा कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि खुद को और समाज को यह विश्वास दिलाने का अवसर था कि परिस्थितियां नहीं, हौसले इंसान की पहचान बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य देश के अधिक से अधिक व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को फिटनेस कार्यक्रमों से जोड़ना है। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने प्रशिक्षक नासिक निवासी अजिंक्य को दिया।
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24 से 26 जुलाई तक हुई इस अंतरराष्ट्रीय फिटनेस प्रतियोगिता में एडेप्टिव श्रेणी के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता के अनुरूप कठिन फिटनेस स्टेशनों और रेस का संयोजन पूरा करना होता है। व्हीलचेयर यूजर इमरान ने इन सभी चुनौतियों को पार कर अपनी अलग पहचान बनाई। इमरान कई वर्षों से व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को आत्मनिर्भर जीवन, व्हीलचेयर स्किल और फिटनेस के लिए प्रेरित करते रहे हैं। उन्होंने हायराॅक्स चैलेंज में हिस्सा लिया। रेस पूरी करने के बाद इमरान ने कहा कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि खुद को और समाज को यह विश्वास दिलाने का अवसर था कि परिस्थितियां नहीं, हौसले इंसान की पहचान बनाते हैं।
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उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य देश के अधिक से अधिक व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं को फिटनेस कार्यक्रमों से जोड़ना है। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने प्रशिक्षक नासिक निवासी अजिंक्य को दिया।
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