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Sultanpur News: महिला अस्पताल नहीं, अब मैटरनिटी विंग में होगा उपचार
Sat, 17 Aug 2024 03:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 17 Aug 2024 03:12 AM IST
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सुल्तानपुर। क्रिटिकल केयर यूनिट के निर्माण के लिए महिला अस्पताल के इमरजेंसी और सी-ब्लॉक वार्ड की बिल्डिंग तोड़ी जाएगी। एक सप्ताह के भीतर दोनों वार्ड खाली किए जाने हैं। इसीलिए मरीजों को महिला अस्पताल से मैटरनिटी विंग (मातृ एवं शिशु कल्याण इकाई) में शिफ्ट किया जा रहा है। अब वहीं मरीजों का उपचार किया जाएगा। कार्यदायी फर्म को दो माह के भीतर भवन ध्वस्त कर मलबा हटाने की चेतावनी दी गई है। यदि समय से मलबा नहीं हटा तो फर्म को प्रतिदिन के हिसाब से 10 हजार रुपये जुर्माना देना होगा।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में महिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और सी-ब्लाॅक वार्ड को तोड़कर 33.24 करोड़ की लागत से 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जानी है। निर्माण में देरी न हो, इसके लिए शासन की ओर से पहली किस्त जारी की जा चुकी है। निर्माण के लिए पहले ही महिला अस्पताल के सी-ब्लाॅक में भर्ती रोगियों को मैटरनिटी विंग के दूसरे तल पर शिफ्ट किया जा चुका है।
35 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड को तीसरे और सी-ब्लाॅक में चल रहे एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) को विंग के चौथे तल पर ले जाने का कार्य चल रहा है। पांचवें तल पर सीएमएस का कार्यालय भी बनाया जा रहा है। इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए अभी महिला अस्पताल में 10 बेड सुरक्षित रखे गए हैं, जिसे सबसे आखिर में यहां से हटाया जाएगा।
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की जा रही मरम्मत
अभी मैटरनिटी विंग की मरम्मत का कार्य चल रहा है। अफसरों का कहना है कि विंग के भीतर का कार्य पूरा हो चुका है। बाहर जो काम चल रहा है, उसे जल्दी पूरा करा लिया जाएगा।
एक हफ्ते में खाली हो जाएंगे दोनों वार्ड
महिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. आरके यादव ने बताया कि मैटरनिटी विंग के अंदरूनी भागों की मरम्मत लगभग पूरी हो चुकी है। मरीजों और मेडिकल संसाधनों को शिफ्ट करने का कार्य चल रहा है। एक हफ्ते में दोनों वार्ड खाली कर बिल्डिंग ध्वस्तीकरण करने वाली फर्म को दे दी जाएगी।
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स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में महिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और सी-ब्लाॅक वार्ड को तोड़कर 33.24 करोड़ की लागत से 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाई जानी है। निर्माण में देरी न हो, इसके लिए शासन की ओर से पहली किस्त जारी की जा चुकी है। निर्माण के लिए पहले ही महिला अस्पताल के सी-ब्लाॅक में भर्ती रोगियों को मैटरनिटी विंग के दूसरे तल पर शिफ्ट किया जा चुका है।
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35 बेड वाले इमरजेंसी वार्ड को तीसरे और सी-ब्लाॅक में चल रहे एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) को विंग के चौथे तल पर ले जाने का कार्य चल रहा है। पांचवें तल पर सीएमएस का कार्यालय भी बनाया जा रहा है। इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए अभी महिला अस्पताल में 10 बेड सुरक्षित रखे गए हैं, जिसे सबसे आखिर में यहां से हटाया जाएगा।
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की जा रही मरम्मत
अभी मैटरनिटी विंग की मरम्मत का कार्य चल रहा है। अफसरों का कहना है कि विंग के भीतर का कार्य पूरा हो चुका है। बाहर जो काम चल रहा है, उसे जल्दी पूरा करा लिया जाएगा।
एक हफ्ते में खाली हो जाएंगे दोनों वार्ड
महिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. आरके यादव ने बताया कि मैटरनिटी विंग के अंदरूनी भागों की मरम्मत लगभग पूरी हो चुकी है। मरीजों और मेडिकल संसाधनों को शिफ्ट करने का कार्य चल रहा है। एक हफ्ते में दोनों वार्ड खाली कर बिल्डिंग ध्वस्तीकरण करने वाली फर्म को दे दी जाएगी।