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ढिबरी की रोशनी में बोर्ड परीक्षा की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Sun, 14 Feb 2016 10:14 PM IST
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समय के बदलाव के बाद भी बोर्ड परीक्षार्थियों को पुराने जमाने में जीना पड़ रहा है। पहले भी परीक्षार्थी लालटेन व दीपक की रोशनी में तैयारी किया करते थे और आज विद्युत कनेक्शन होने के बाद भी करेंगे। वजह जरूरत के समय बिजली की अनुपलब्धता है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात व दिन के रोस्टर के फेर में भी छात्रों को तैयारी के लिए बिजली नहीं मिल पा रही है। परीक्षा को देखते हुए भी रोस्टर में कोई बदलाव नहीं हो सका है।
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वर्षों में पूर्व गांवों में लाइट नहीं हुआ करती थी तो बोर्ड के परीक्षार्थी परीक्षा की तैयारी लालटेन व दीपक की रोशनी में किया करते थे। आज गांव-गांव विद्युत कनेक्शन होने के बाद भी छात्रों को लालटेन व दीपक की रोशनी में बोर्ड परीक्षा की तैयारी करना पड़ रहा है। इसकी वजह विद्युत कनेक्शन होने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में रात में पढ़ाई के वक्त बिजली आपूर्ति नहीं मिल पाना है।
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विद्युत वितरण खंड ने ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के लिए रात व दिन के रोस्टर का निर्धारण किया लेकिन रात के रोस्टर में भी छात्रों के पढ़ने के समय बिजली नहीं मिल पा रही है। शाम से बिजली नहीं मिलने से छात्रों को मजबूरन लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करना पड़ रहा है।
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रात व दिन का सप्ताहवार रोस्टर
ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण खंड 10 घंटे विद्युत आपूर्ति दो शिफ्टों में करने का रोस्टर तैयार किया है। इसमें एक सप्ताह दिन व एक सप्ताह रात का रोस्टर बनाया गया है। रात के रोस्टर में ग्रामीण क्षेत्रों में रात नौ बजे से दो बजे व भोर में पांच बजे से सुबह 10 बजे तक आपूर्ति देने का खाका तैयार है। रात में रोस्टर के मुताबिक पूरी आपूर्ति मिलने पर भी छात्रों की पढ़ाई के वक्त बिजली नहीं मिल पा रही है।