फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   No body accepting coins.

एक-दो और 5 के सिक्के बंद होने की अफवाह

Mon, 21 Aug 2017 10:16 PM IST
Amarujala Bureau
Amarujala Bureau Updated Mon, 21 Aug 2017 10:16 PM IST
विज्ञापन
No body accepting coins.
सिक्के न चलने से परेशानी - फोटो : अमर उजाला

पिछले साल नोटबंदी के दौरान जिन सिक्कों ने सहारा दिया, अब वही लोगों की परेशानी का सबब बन रहे हैं। आम जनता से लेकर छोटे-बड़े व्यापारियों में सिक्कों के चलन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बंद होने की अफवाहों को बल मिलने से एक, दो और पांच के सिक्के के चलन को लेकर लोग परेशान हैं। बैंक अधिकारियों ने भी बड़ी संख्या में सिक्के लेने से इंकार कर दिया है। 

विज्ञापन



पिछले साल भारत सरकार की ओर से नवंबर माह में 1000 व 500 रुपये के पुराने नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की गई थी। नोटबंदी के दौरान बैंकों में करेंसी नोटों की कमी से ग्राहकों को सिक्के का भुगतान किया गया था। एक शीर्ष बैंक के अधिकारी ने बताया कि नोटबंदी के पांच महीने बाद पूरे देश में 100 करोड़ रुपये के सिक्के पूरी तरह बाजार में चलन में आ गए थे। इसमें करीब 30 करोड़ रुपये के बराबर एक-दो रुपये के सिक्के शामिल थे। वे सिक्के ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में बांटे गए थे। करीब 70 करोड़ रुपये से अधिक के पांच-10 रुपये के सिक्के ग्राहकों को बैंक की ओर से दिए गए थे।
विज्ञापन


इतनी बड़ी मात्रा में बाजार में सिक्के आने से दुकानदार से लेकर बैंककर्मी तक परेशान हैं। वे खास तौर से एक-दो रुपये के सिक्के गिनने से बचने के लिए स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इससे उनके बंद होने की अफवाह को बल मिल रहा है। ग्राहक भी चाहते हैं कि एक दिन में उनका पूरा पैसा बदल जाए। ऐसे में बैंकों की असुविधा स्वाभाविक है। बैंक कर्मियों का कहना है कि कम संख्या में ग्राहक सिक्का लेकर आए तो बदलना मुश्किल नहीं है। जिले में विभिन्न बैंकों की करीब 196 शाखाएं संचालित हैं। इनमें अधिकांश शाखाएं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यापारियों के लिए भी बनी मुसीबत 

व्यापारी नेता रवींद्र तिवारी का कहना है कि शहर के ज्यादातर व्यापारियों के पास हजारों रुपये के सिक्के हैं, लेकिन बैंक वाले नहीं ले रहे। ग्राहक भी सिक्के नहीं लेना चाहते। इसके पीछे बैंक अफसरों का अपना तर्क है जबकि आरबीआई के साफ निर्देश हैं कि बैंक सिक्के जमा करें। व्यापारी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि  कि उनके पास भी अधिक मात्रा में सिक्के हैं। ग्राहक ले नहीं रहे और बैंक भी सिक्का जमा नहीं कर रहे। ऐसे में इसमें रोजाना इजाफा हो रहा है। आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार बैंकों को सिक्के लेने चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed