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करबला में सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिए
Amarujala Bureau
Updated Fri, 10 Nov 2017 09:57 PM IST
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चेहल्लुम कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
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चेहल्लुम को लेकर शुक्रवार को अमहट के सभी इमामबाड़ों में अलविदाई मजलिस हुई। इसके बाद इमामबाड़ों से ताजिया का जुलूस उठाया गया। जुलूस अमहट चौराहे से होता हुआ रायबरेली रोड पहुंचा। यहां पर सभी अंजुमनें जमा हुईं। अंजुमन जीनतुल अजा अलीगढ़, असगरिया कदीम अमहट, पंजतनी तुराबखानी, असगरिया गोराबारिक अमहट, कमर बनी हाशिम अमहट ने नौहा मातम किया।
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ताजिया ताबूत के साथ जुलूस करबला अमहट पहुंचा, जहां दरगाह हजरत अब्बास पर अलविदाई नौहा पढ़ा गया। इसके बाद ताजिए को करबला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान जुलूस में शामिल अंजुमनों ने जंजीर का मातम किया। अंजुमन असगरिया में बड़ी ताजिया की जियारत के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां ने बताया कि शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया। चेहल्लुम के जुलूस में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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