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Sultanpur News: चार माह से नवजात को देखने के लिए तरस रही मां
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सुल्तानपुर। चार माह पहले बच्चे को जन्म देने वाली एक मां आज तक अपने बच्चे का मुंह नहीं देख पाई। प्रेम विवाह करने वाली इस युवती का आरोप है कि मां-बाप व बहन-बहनोई ने एक अप्रशिक्षित नर्स से उसका प्रसव कराया और बच्चे को गायब कर दिया। सीएचसी के प्रभारी डाॅक्टर ने भी युवती के पक्ष में रिपोर्ट दी है। बावजूद इसके पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने को तैयार नहीं है। ऐसे में परेशान मां ने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है।
कूरेभार के पदुमरा गांव की वंदना ने अपने ही गांव में प्रेम विवाह कर लिया था। आरोप है कि इस शादी से उनके घर वाले नाखुश थे। अप्रैल माह में उनकी डिलवरी होनी थी। अपनी बहन सुशीला के कहने पर वंदना 28 अप्रैल को शहर से सटे कस्बा स्थित एक झोलाछाप नर्स के यहां प्रसव कराने के लिए गई। वहां उसने बालक को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात शिशु करीब चार घंटे तक उसके साथ रहा। आरोप है कि इसके बाद उनकी बहन, बहनोई, पिता व मां ने नर्स के साथ मिलकर उनका बच्चा छीन लिया और गायब कर दिया। मांगने पर भी उनका शिशु नहीं दिया। वंदना का आरोप है कि उसके परिजन कहते रहे कि डिलवरी में हुए 50 हजार रुपये का खर्च ससुराल से दिलवाओ तो बच्चा मिलेगा। बाद में कहा कि बच्चे की मौत हो गई।
परेशान वंदना ने इसकी शिकायत आईआरजीएस पोर्टल पर की थी। जांच में कूरेभार सीएचसी अधीक्षक डाॅ. पंकज कुमार ने वंदना की बात को सही पाया और प्रसव कराने वाली महिला का बयान भी दर्ज किया। 17 जुलाई को उन्होंने एसपी, सीएमओ व कोतवाली नगर पुलिस को अपनी आख्या रिपोर्ट भेजते हुए मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की, लेकिन कोतवाली पुलिस अब तक नहीं पसीजी। अब वंदना ने एसपी को शिकायती पत्र देते हुए प्रकरण में कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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कूरेभार के पदुमरा गांव की वंदना ने अपने ही गांव में प्रेम विवाह कर लिया था। आरोप है कि इस शादी से उनके घर वाले नाखुश थे। अप्रैल माह में उनकी डिलवरी होनी थी। अपनी बहन सुशीला के कहने पर वंदना 28 अप्रैल को शहर से सटे कस्बा स्थित एक झोलाछाप नर्स के यहां प्रसव कराने के लिए गई। वहां उसने बालक को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात शिशु करीब चार घंटे तक उसके साथ रहा। आरोप है कि इसके बाद उनकी बहन, बहनोई, पिता व मां ने नर्स के साथ मिलकर उनका बच्चा छीन लिया और गायब कर दिया। मांगने पर भी उनका शिशु नहीं दिया। वंदना का आरोप है कि उसके परिजन कहते रहे कि डिलवरी में हुए 50 हजार रुपये का खर्च ससुराल से दिलवाओ तो बच्चा मिलेगा। बाद में कहा कि बच्चे की मौत हो गई।
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परेशान वंदना ने इसकी शिकायत आईआरजीएस पोर्टल पर की थी। जांच में कूरेभार सीएचसी अधीक्षक डाॅ. पंकज कुमार ने वंदना की बात को सही पाया और प्रसव कराने वाली महिला का बयान भी दर्ज किया। 17 जुलाई को उन्होंने एसपी, सीएमओ व कोतवाली नगर पुलिस को अपनी आख्या रिपोर्ट भेजते हुए मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की, लेकिन कोतवाली पुलिस अब तक नहीं पसीजी। अब वंदना ने एसपी को शिकायती पत्र देते हुए प्रकरण में कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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