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एक लाख बच्चों को डीबीटी का इंतजार
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सुल्तानपुर। शिक्षण सत्र शुरू हुए छह माह से अधिक का वक्त बीत चुका है, लेकिन डीबीटी की प्रक्रिया अभी भी पूरी नहीं हो पाई है। 2,78,460 बच्चों के सापेक्ष 1,77,003 बच्चे ही इस योजना का लाभ पा सके हैं। 1.01 लाख से अधिक बच्चों को अभी भी डीबीटी की धनराशि नहीं मिल पाई है।
परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग, जूता-मोजा व स्टेशनरी के लिए 1200-1200 रुपये भेजे जाने हैं। सरकार की ओर से भी इस योजना का लगातार प्रचार-प्रसार हो रहा है। लेकिन डीबीटी के वितरण की स्थिति ठीक नहीं है। परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 2,78,460 बच्चों के सापेक्ष मात्र 1,77,003 बच्चे ही योजना का लाभ पा सके हैं।
शिक्षण सत्र शुरू हुए छह माह बीतने के बाद भी डीबीटी नहीं मिलने से बड़ी संख्या में बच्चे बगैर ड्रेस के स्कूल आ रहे हैं। जूता-मोजा और स्कूल बैग भी उनके पास नहीं है। यही नहीं पढ़ाई के लिए सबसे जरूरी स्टेशनरी भी बच्चों के पास नहीं है।
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अभिभावकों के खाते में डीबीटी राशि ट्रांसफर करने के लिए चार नए बैच बनाए गए हैं। इन चार बैचों के जरिए 24,595 बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि भेजे जाने की तैयारी है। शेष करीब 77 हजार बच्चों को डीबीटी का लाभ कब मिलेगा, यह बताने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है।
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परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग, जूता-मोजा व स्टेशनरी के लिए 1200-1200 रुपये भेजे जाने हैं। सरकार की ओर से भी इस योजना का लगातार प्रचार-प्रसार हो रहा है। लेकिन डीबीटी के वितरण की स्थिति ठीक नहीं है। परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 2,78,460 बच्चों के सापेक्ष मात्र 1,77,003 बच्चे ही योजना का लाभ पा सके हैं।
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शिक्षण सत्र शुरू हुए छह माह बीतने के बाद भी डीबीटी नहीं मिलने से बड़ी संख्या में बच्चे बगैर ड्रेस के स्कूल आ रहे हैं। जूता-मोजा और स्कूल बैग भी उनके पास नहीं है। यही नहीं पढ़ाई के लिए सबसे जरूरी स्टेशनरी भी बच्चों के पास नहीं है।
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अभिभावकों के खाते में डीबीटी राशि ट्रांसफर करने के लिए चार नए बैच बनाए गए हैं। इन चार बैचों के जरिए 24,595 बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि भेजे जाने की तैयारी है। शेष करीब 77 हजार बच्चों को डीबीटी का लाभ कब मिलेगा, यह बताने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है।