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आठवीं मोहर्रम पर निकला अलम का जूलूस
Amarujala Bureau
Updated Mon, 10 Oct 2016 10:07 PM IST
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मोहर्रम पर मातम
- फोटो : अमर उजाला
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आठवीं मोहर्रम को शहर से सटे जामा मस्जिद अमहट से सोमवार को अलम का जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल शिया समुदाय के लोगों ने नौहा मातम किया। हुसैनिया नौतामीर में आयोजित मजलिस को मौलाना ने खेताब किया। जुलूस के दौरान भारी संख्या में पुलिस तैनात रही।
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सोमवार को आठवीं मोहर्रम को अमहट स्थित जामा मस्जिद से जूलूस निकाला गया। शिया समुदाय के लोग अपने-अपने घरों से अलम लेकर जामा मस्जिद पर एकत्र हुए। यहां से निकला जुलूस हुसैनिया नजर अली, हुसैनिया शेखखानी, हुसैनिया बादल खां व हुसैनिया बख्शी खां होते हुए हुसैनिया नौतामीर में पहुंच समाप्त हुआ।
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इस दौरान जुलूस में शामिल लोगों ने नौहा मातम किया। यहां पर आयोजित मजलिस को खेताब करते हुए मौलाना आमिर काजिम मुजफ्फरनगर ने कहा कि आठवीं मोहर्रम हजरत इमाम हुसैन अलैह के भाई और हुसैनी फौज के कमांडर हजरत अब्बास अलैह के नाम से याद किया जाता है। हजरत अब्बास अलैह को लश्कर का अलमदार भी कहा जाता है। वे इतने बहादुर थे कि यदि इमाम हुसैन अलैह अपने इस कमांडर को इजाजत देते तो करबला के मैदान में कोई यजीद नहीं बचता।
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उसी अब्बास के नाम पर आठवीं मोहर्रम को जो दुआएं मांगी जाती हैं, वह पूरी होती हैं। इस मौके पर हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हैदर अब्बास खां समेत बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग मौजूद रहे। जुलूस व मजलिस में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस मुस्तैद रही।