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Sultanpur News: आधुनिक संसाधन व डॉक्टर मौजूद, फिर भी इलाज नहीं

Tue, 08 Aug 2023 11:38 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 08 Aug 2023 11:38 PM IST
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Modern resources and doctors are available, yet there is no cure
दूबेपुर (सुल्तानपुर)। शहर से सटे अमहट स्थित अत्याधुनिक ट्राॅमा सेंटर बेकार साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर ऑपरेशन थियेटर के साथ विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती के बाद भी मरीज रेफर किए जा रहे हैं। इससे अस्पताल में मौजूद उन्नत तकनीक के जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरण धूल फांक रहे हैं। तैनात बेहोशी के डॉक्टर, ओटी टेक्नीशियन व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को जिला अस्पताल से अटैच कर दिया गया है।
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ट्रॉमा सेंटर में ऑपरेशन करते समय अंगों के थ्री-डी चित्र दिखाने वाली ट्राॅमा सेंटर की सी-आर्म मशीन भी जिला अस्पताल प्रशासन ने उधार ले रखी है। ऐसे में हाईवे पर हादसों में घायल होने वाले लोगों को तत्काल बेहतर चिकित्सा मुहैया कराने की सरकार की मंशा तार-तार होती नजर आ रही है।
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हाईवे पर ट्राॅमा सेंटर की स्थापना करके शासन की ओर से हादसों में घायल होने वाले लोगों को तुरंत अच्छी चिकित्सका व्यवस्था उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसकी वजह से सेंटर में आधुनिक चिकित्सका व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। 30 शैया की क्षमता वाले अस्पताल में 12 सक्रिय वेंटीलेटर की सुविधा है। 12 फोल्डेबल बेड का आईसीयू वार्ड, अत्याधुनिक जीवन रक्षक चिकित्सा प्रणाली की व्यवस्था है। आपातकालीन चिकित्सीय संसाधनों से युक्त अस्पताल का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा है।
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119.26 लाख की लागत से बना ट्राॅमा सेंटर
जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2016 में 119.26 लाख रुपये की लागत से अमहट में मिनी ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की गई थी। मौजूदा समय में ट्राॅमा सेंटर में एक ऑर्थोपेडिक सर्जन, एक जनरल सर्जन, एक एनेस्थेटिस्ट, एक मानसिक रोग विशेषज्ञ, एक मेडिकल ऑफिसर व तीन जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती है। इसके अलावा 15 स्टाफ नर्स समेत करीब 45 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है। इसमें से एक एनेस्थेटिस्ट, तीन ओटी टेक्नीशियन, एक लैब टेक्नीशियन, छह नर्सिंग असिस्टेंट, 13 स्टाफ नर्स व चार मल्टीटास्क वर्करों को जिला अस्पताल से अटैच कर दिया गया है।

बेकार पड़ा दो टेबल वाला हाईटेक ऑपरेशन थियेटर
ट्राॅमा सेंटर के हाईटेक ऑपरेशन थियेटर में दो ओटी टेबल हैं। इस पर एक साथ दो मरीजों की सर्जरी की जा सकती है। उच्चतम प्रकाश व्यवस्था के लिए ओटी में अत्याधुनिक एलईडी लाइट्स लगाई गईं हैं। इसके अलावा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, कलर डॉपलर अल्ट्रासाउंड मशीन (यूएसजी), एनेस्थीसिया ट्राली, सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन प्लांट, सी-आर्म मशीन व सेक्शन मशीन की भी व्यवस्था ट्रामा सेंटर में है।


डॉक्टरों की कमी से रुका इलाज
अभी यहां दो ईएमओ, एक ऑर्थोपेडिक सर्जन और एनेस्थीसिया के डॉक्टरों की कमी है। एनेस्थीसिया के एक डॉक्टर हैं, जिन्हें महिला अस्पताल से अटैच किया गया है, ताकि सिजेरियन केस लगातार होते रहें। डॉक्टरों की तैनाती होते ही यह समस्या समाप्त हो जाएगी। इसके बाद ट्रामा सेंटर 24 घंटे संचालित होगा। - डॉ. एसके गोयल, सीएमएस
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