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65 हजार बेहाल श्रमिकों को मनरेगा से मिली संजीवनी
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सुल्तानपुर। करीब ढाई माह के लॉकडाउन से परेशान श्रमिकों को मनरेगा से संजीवनी मिली है। जिले के 933 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कार्य शुरू होने पर करीब 65 हजार श्रमिकों व उनके परिवार का जीवन पटरी पर लौटने लगा है। इसमें कुछ प्रवासियों का भी परिवार शामिल है। हालांकि अभी बड़ी संख्या में प्रवासी जॉब कार्ड से वंचित हैं।
देश में करीब ढाई माह तक रहे लॉकडाउन में काम बंद होने से खासकर श्रमिक वर्ग का जीवन बेपटरी हो गया था। इस बीच सरकार ने मनरेगा का कार्य शुरू कराकर श्रमिकों का जीवन पटरी पर लाने का निर्देश दिया था। डीएम सी. इंदुमती के निर्देश पर विकास विभाग ने अभी तक 986 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 933 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से विभिन्न कार्य शुरू करा दिया है।
मनरेगा में मौजूदा समय में 65,943 महिला व पुरुष जॉब कार्डधारक का कार्य कर रहे हैं। मनरेगा सेल के मुताबिक 933 ग्राम पंचायतों में मौजूदा समय में 2,722 कार्य चल रहे हैं। इसमें तालाब, संपर्क मार्ग, बांध समेत अन्य कार्य शामिल हैं।
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मनरेगा से निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसमें कार्य कर रहे 65,943 श्रमिकों व उनके परिवार का जीवन पटरी पर लौटने लगा है। मनरेगा से मिल रही मजदूरी से श्रमिकों के परिवार का भरण-पोषण होने लगा है। इसमें 3,816 प्रवासी भी शामिल हैं। प्रवासियों के कार्य करने से उनकी भी समस्या कम हुई है।
65 हजार प्रवासियों के सापेक्ष बने चार हजार जॉब कार्ड
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में अभी तक करीब 65 हजार प्रवासी पहुंच चुके हैं। प्रशासन ने मनरेगा से कार्य करने की चाह रखने वाले प्रवासियां का जॉब कार्ड बनाने का निर्देश दिया है। प्रशासन के निर्देश पर अभी तक चार हजार प्रवासियों के जॉब कार्ड बनाए जा चुके हैं।
अभी बड़ी संख्या में प्रवासियों के जॉब कार्ड नहीं बन सके हैं। विकास विभाग के अनुसार इसमें काफी संख्या में ऐसे प्रवासी शामिल हैं जो मनरेगा में कार्य करना नहीं चाहते। कार्य चाहने वालों का जॉब कार्ड बनाने का दावा विकास विभाग कर रहा है।
इच्छुक प्रवासियों का बनाया जा रहा जॉब कार्ड
उपायुक्त मनरेगा विनय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि इच्छुक प्रवासियों का जॉब कार्ड बनवाया जा रहा है। जो प्रवासी कार्य करना चाहते हैं, उन्हें कार्य मिलेगा।
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देश में करीब ढाई माह तक रहे लॉकडाउन में काम बंद होने से खासकर श्रमिक वर्ग का जीवन बेपटरी हो गया था। इस बीच सरकार ने मनरेगा का कार्य शुरू कराकर श्रमिकों का जीवन पटरी पर लाने का निर्देश दिया था। डीएम सी. इंदुमती के निर्देश पर विकास विभाग ने अभी तक 986 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 933 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से विभिन्न कार्य शुरू करा दिया है।
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मनरेगा में मौजूदा समय में 65,943 महिला व पुरुष जॉब कार्डधारक का कार्य कर रहे हैं। मनरेगा सेल के मुताबिक 933 ग्राम पंचायतों में मौजूदा समय में 2,722 कार्य चल रहे हैं। इसमें तालाब, संपर्क मार्ग, बांध समेत अन्य कार्य शामिल हैं।
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मनरेगा से निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसमें कार्य कर रहे 65,943 श्रमिकों व उनके परिवार का जीवन पटरी पर लौटने लगा है। मनरेगा से मिल रही मजदूरी से श्रमिकों के परिवार का भरण-पोषण होने लगा है। इसमें 3,816 प्रवासी भी शामिल हैं। प्रवासियों के कार्य करने से उनकी भी समस्या कम हुई है।
65 हजार प्रवासियों के सापेक्ष बने चार हजार जॉब कार्ड
प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में अभी तक करीब 65 हजार प्रवासी पहुंच चुके हैं। प्रशासन ने मनरेगा से कार्य करने की चाह रखने वाले प्रवासियां का जॉब कार्ड बनाने का निर्देश दिया है। प्रशासन के निर्देश पर अभी तक चार हजार प्रवासियों के जॉब कार्ड बनाए जा चुके हैं।
अभी बड़ी संख्या में प्रवासियों के जॉब कार्ड नहीं बन सके हैं। विकास विभाग के अनुसार इसमें काफी संख्या में ऐसे प्रवासी शामिल हैं जो मनरेगा में कार्य करना नहीं चाहते। कार्य चाहने वालों का जॉब कार्ड बनाने का दावा विकास विभाग कर रहा है।
इच्छुक प्रवासियों का बनाया जा रहा जॉब कार्ड
उपायुक्त मनरेगा विनय कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि इच्छुक प्रवासियों का जॉब कार्ड बनवाया जा रहा है। जो प्रवासी कार्य करना चाहते हैं, उन्हें कार्य मिलेगा।