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Sultanpur News: मरीजों का दर्द बढ़ा रहा टोकन का लंबा इंतजार
Fri, 18 Oct 2024 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 18 Oct 2024 01:14 AM IST
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अपनी बारी का इंतजार करते मरीज व तीमारदार
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सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कराने में मरीजों की हालत और बिगड़ रही है। टोकन मिलने के दूसरे दिन जांच होती है, उसके लिए भी कतार में लगना पड़ रहा है। भीड़ अधिक होने पर कभी-कभी मरीज को जांच के लिए तीसरे दिन बुलाया जाता है। समय से अल्ट्रासाउंड न होने के कारण रोगियों को उपचार कराने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में 25 सितंबर को रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आरपी सिंह ने काम संभाला। प्रतिदिन औसतन 35 से 40 मरीजों की जांच हो रही है। इसके लिए भी एक दिन पहले टोकन लेना पड़ रहा है। गंभीर रोगियों का ही उसी दिन इलाज होता है। इनमें से अधिकांश वे मरीज होते हैं, जो अस्पताल में भर्ती रहते हैं।
ओपीडी से रोज करीब 35-40 मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए भेजे जा रहे हैं। प्रतिदिन 80 के करीब रोगी जांच के लिए आ रहे हैं। इनमें से लगभग आधे मरीजों का उसी दिन अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता है। उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा जाता है, और टोकन दिया जाता है। सबसे अधिक समस्या ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों व तीमारदारों को झेलनी पड़ रही है।
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अधिक संख्या में आ रहे मरीज
रेडियोलाॅजिस्ट डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि यहां पर अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। जांच करने में समय लगता है। एक दिन इतनी अधिक संख्या में जांच करना संभव नहीं है। इसलिए दूसरे दिन की डेट दी जाती है।
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मेडिकल कॉलेज में 25 सितंबर को रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आरपी सिंह ने काम संभाला। प्रतिदिन औसतन 35 से 40 मरीजों की जांच हो रही है। इसके लिए भी एक दिन पहले टोकन लेना पड़ रहा है। गंभीर रोगियों का ही उसी दिन इलाज होता है। इनमें से अधिकांश वे मरीज होते हैं, जो अस्पताल में भर्ती रहते हैं।
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ओपीडी से रोज करीब 35-40 मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए भेजे जा रहे हैं। प्रतिदिन 80 के करीब रोगी जांच के लिए आ रहे हैं। इनमें से लगभग आधे मरीजों का उसी दिन अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता है। उन्हें अगले दिन आने के लिए कहा जाता है, और टोकन दिया जाता है। सबसे अधिक समस्या ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों व तीमारदारों को झेलनी पड़ रही है।
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अधिक संख्या में आ रहे मरीज
रेडियोलाॅजिस्ट डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि यहां पर अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। जांच करने में समय लगता है। एक दिन इतनी अधिक संख्या में जांच करना संभव नहीं है। इसलिए दूसरे दिन की डेट दी जाती है।