{"_id":"681f9bb5e50eb2700d058a33","slug":"lok-adalat-hold-hands-again-will-live-together-sultanpur-news-c-103-1-slko1043-132594-2025-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोक अदालत: फिर थामा हाथ, रहेंगे साथ-साथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोक अदालत: फिर थामा हाथ, रहेंगे साथ-साथ
Sun, 11 May 2025 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 11 May 2025 12:02 AM IST
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण करते जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ल व अन्य न्यायिक अधिकारी।
सुल्तानपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत में कई दंपतियों के बीच चल रहे विवादों का सुलह-समझौते से निस्तारण कराया गया। दोनों पक्षों ने अदालत के सामने समझौता करते हुए आगे का जीवन एक साथ बिताने का निर्णय लिया। इस दौरान जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ल ने विभिन्न कोर्ट व सुलह केंद्रों में चल रही सुनवाई का निरीक्षण किया।
दो साल बाद साथ रहने को राजी हुए दंपती
सुल्तानपुर। करीब 13 साल पहले दांपत्य सूत्रों में बंधे श्याम शंकर गौतम और सुभद्रा के दो बच्चे हैं। दो साल पहले अनबन हो जाने से दोनों अलग रहने लगे थे। सुभद्रा ने गुजारा भत्ता के लिए परिवार न्यायालय प्रधान न्यायाधीश के समक्ष मुकदमा किया था। अदालत के प्रयास और काउंसलर की सलाह पर दोनों ने फिर से एक साथ रहने का फैसला लिया है।
चार साल बाद कोर्ट के निर्णय पर बनी सहमति
सुल्तानपुर। शहर के करौंदिया इलाके की रहने वाली पिंकी और उनके पति हरिकेश के बीच पारिवारिक विवाद से दूरी बढ़ गई थी। दोनों की संतान भी नहीं है। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ परिवार न्यायालय में करीब चार साल पहले वाद दायर किया था। शनिवार को दोनों के बीच चल रहे विवाद का अदालत के माध्यम से निस्तारण हो गया।
विज्ञापन
...जब न्यायाधीश के सामने रोने लगी महिला
सुल्तानपुर। लंभुआ के पांडेयपुर निवासी मंजू पांडेय ने निजी बैंक से पशुपालन के लिए लोन लिया था। लोन नहीं जमा करने पर बैंक ने उन्हें नोटिस जारी किया। लोक अदालत में इस प्रकरण का निस्तारण कराने के लिए आई थी। कम पैसे होने की वजह से उनका मामला निस्तारित नहीं हो सका। पीड़िता न्यायाधीश राकेश पांडेय के समक्ष रोने लगी। न्यायाधीश ने विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
दो साल बाद साथ रहने को राजी हुए दंपती
सुल्तानपुर। करीब 13 साल पहले दांपत्य सूत्रों में बंधे श्याम शंकर गौतम और सुभद्रा के दो बच्चे हैं। दो साल पहले अनबन हो जाने से दोनों अलग रहने लगे थे। सुभद्रा ने गुजारा भत्ता के लिए परिवार न्यायालय प्रधान न्यायाधीश के समक्ष मुकदमा किया था। अदालत के प्रयास और काउंसलर की सलाह पर दोनों ने फिर से एक साथ रहने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
चार साल बाद कोर्ट के निर्णय पर बनी सहमति
सुल्तानपुर। शहर के करौंदिया इलाके की रहने वाली पिंकी और उनके पति हरिकेश के बीच पारिवारिक विवाद से दूरी बढ़ गई थी। दोनों की संतान भी नहीं है। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ परिवार न्यायालय में करीब चार साल पहले वाद दायर किया था। शनिवार को दोनों के बीच चल रहे विवाद का अदालत के माध्यम से निस्तारण हो गया।
विज्ञापन
...जब न्यायाधीश के सामने रोने लगी महिला
सुल्तानपुर। लंभुआ के पांडेयपुर निवासी मंजू पांडेय ने निजी बैंक से पशुपालन के लिए लोन लिया था। लोन नहीं जमा करने पर बैंक ने उन्हें नोटिस जारी किया। लोक अदालत में इस प्रकरण का निस्तारण कराने के लिए आई थी। कम पैसे होने की वजह से उनका मामला निस्तारित नहीं हो सका। पीड़िता न्यायाधीश राकेश पांडेय के समक्ष रोने लगी। न्यायाधीश ने विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।