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Sultanpur News: हुनर से जुड़ेंगे नन्हें हाथ, सफलता चूमेगी कदम
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सुल्तानपुर। अब परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रहेगी। बच्चे कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर मशीन, औजार और हुनर से भी परिचित होंगे। बुनियादी शिक्षा को आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए सरकार परिषदीय विद्यालयों में आईटीआई की तर्ज पर ट्रेड वाइज प्रशिक्षण शुरू करने जा रही है। इसी शैक्षिक सत्र से लर्निंग बाय डूइंग मॉडल के तहत बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ आत्मनिर्भर होने का हुनर भी सीखेंगे।
इस योजना के तहत शिक्षकों को तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों, पीएम श्री विद्यालयों के शिक्षक, डायट प्रवक्ता और जिला समन्वयक शामिल होंगे। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को इंजीनियरिंग एंड वर्कशॉप, एनर्जी एंड एनवायरनमेंट, एग्रीकल्चर नर्सरी और होम एंड हेल्थ जैसे चार प्रमुख ट्रेड में दक्ष बनाया जाएगा। इन ट्रेड्स के माध्यम से बच्चों को फिटिंग, वेल्डिंग, बागवानी, सिलाई-कढ़ाई और फूड प्रोडक्ट तैयार करने जैसे कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे बच्चों में कौशल विकास होगा और वे कम उम्र में ही हुनरमंद बन सकेंगे।
किताबी ज्ञान के साथ मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
परिषदीय विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव देना है। ट्रेड वाइज प्रशिक्षण से बच्चे आत्मनिर्भर बनेंगे और भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। -उपेंद्र गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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इस योजना के तहत शिक्षकों को तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों, पीएम श्री विद्यालयों के शिक्षक, डायट प्रवक्ता और जिला समन्वयक शामिल होंगे। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को इंजीनियरिंग एंड वर्कशॉप, एनर्जी एंड एनवायरनमेंट, एग्रीकल्चर नर्सरी और होम एंड हेल्थ जैसे चार प्रमुख ट्रेड में दक्ष बनाया जाएगा। इन ट्रेड्स के माध्यम से बच्चों को फिटिंग, वेल्डिंग, बागवानी, सिलाई-कढ़ाई और फूड प्रोडक्ट तैयार करने जैसे कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे बच्चों में कौशल विकास होगा और वे कम उम्र में ही हुनरमंद बन सकेंगे।
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किताबी ज्ञान के साथ मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
परिषदीय विद्यालयों में लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव देना है। ट्रेड वाइज प्रशिक्षण से बच्चे आत्मनिर्भर बनेंगे और भविष्य में स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। -उपेंद्र गुप्ता, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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