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हत्यारे पति को आजीवन कारावास
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सुल्तानपुर। आठ साल पूर्व पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी पति को बृहस्पतिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की न्यायाधीश पूनम सिंह ने आजीवन कारावास व एक लाख 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माना की 90 फीसदी राशि मृतका के पिता को देने का आदेश दिया है। मामला कमरौली थाने के बनभरिया गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी फूलचंद्र शुक्ल के पुत्र मनीष शुक्ल की शादी 19 मई 2011 को बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाने के वेड़ौरा गांव के प्रमोद कुमार शुक्ल की पुत्री नेहा के साथ हुई थी। आरोप है कि नेहा के ससुरालीजन दहेज में कार की मांग कर रहे थे। 17 नवंबर 2011 को नेहा की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।
ससुराल वालों ने मृतका नेहा के मायके यह सूचना दे दी थी कि उसे बाथरूम में सांप ने डस लिया है। पुलिस ने मृतका के पिता प्रमोद कुमार शुक्ल की तहरीर पर आरोपी पति मनीष शुक्ल, सास आशा देवी, ससुर फूलचंद्र, चचिया ससुर अजय कुमार व देवर महेंद्र के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल दान बहादुर वर्मा ने 11 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष ने दो साक्षियों की गवाही दर्ज कराई थी। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की न्यायाधीश पूनम सिंह ने आरोपी पति मनीष शुक्ल को अवैध चाकू से हत्या कर साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व एक लाख 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने जुर्माना की 10 फीसदी राशि राज्य सरकार को और 90 फीसदी राशि मृतका के पिता को देने का आदेश दिया है। आरोपी सास आशा देवी, ससुर फूलचंद्र व चचिया ससुर अजय को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।
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गांव निवासी फूलचंद्र शुक्ल के पुत्र मनीष शुक्ल की शादी 19 मई 2011 को बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाने के वेड़ौरा गांव के प्रमोद कुमार शुक्ल की पुत्री नेहा के साथ हुई थी। आरोप है कि नेहा के ससुरालीजन दहेज में कार की मांग कर रहे थे। 17 नवंबर 2011 को नेहा की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी।
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ससुराल वालों ने मृतका नेहा के मायके यह सूचना दे दी थी कि उसे बाथरूम में सांप ने डस लिया है। पुलिस ने मृतका के पिता प्रमोद कुमार शुक्ल की तहरीर पर आरोपी पति मनीष शुक्ल, सास आशा देवी, ससुर फूलचंद्र, चचिया ससुर अजय कुमार व देवर महेंद्र के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
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मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी क्रिमिनल दान बहादुर वर्मा ने 11 गवाहों को कोर्ट में पेश किया। बचाव पक्ष ने दो साक्षियों की गवाही दर्ज कराई थी। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की न्यायाधीश पूनम सिंह ने आरोपी पति मनीष शुक्ल को अवैध चाकू से हत्या कर साक्ष्य मिटाने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व एक लाख 40 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने जुर्माना की 10 फीसदी राशि राज्य सरकार को और 90 फीसदी राशि मृतका के पिता को देने का आदेश दिया है। आरोपी सास आशा देवी, ससुर फूलचंद्र व चचिया ससुर अजय को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है।