विसर्जन कुंड में लीकेज से हड़कंप
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ऐतिहासिक दुर्गा पूजा महोत्सव में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन कुंड में ही लीकेज हो गया। लीकेज से कुंड में जमा पानी फिर से नदी में वापस जा रहा है। कुंड से पानी के रिसाव का पता चलते ही पालिका के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को बुलाकर पानी के रिसाव को रोकने की योजना बनाई गई।
दुर्गा पूजा महोत्सव के लिए विसर्जन कुंड के निर्माण पर बीते तीन अक्तूबर से कार्य चल रहा है। इसकी देख-रेख पालिका के अधिकारी कर रहे हैं। जेसीबी लगाकर सीताकुंड घाट पर विसर्जन कुंड तो तैयार कर लिया गया लेकिन कुंड की सतह को मजबूत करने पर ध्यान नहीं दिया। सतह को पुख्ता किए बगैर ही ऊपर मिट्टी की पटाई कर दी गई। रविवार की सुबह कुंड में नदी से पानी भरने का कार्य चल रहा था। अचानक कुंड के उत्तरी-पश्चिमी छोर पर जल रिसाव शुरू हो गया। पहले एक जगह पर पानी निकल रहा था।
देखते ही देखते कुंड की बाउंड्री से कई स्थानों पर जल रिसाव होने लगा। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पालिका के अधिकारियों को दी। सूचना पाकर पालिका के अधिशाषी अधिकारी मुुशीर अहमद, सहायक अभियंता आशीष त्रिवेदी मौके पर पहुंचे। विर्सजन कुंड से जल रिसाव का नजारा देखकर पालिका के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। जब स्थिति पर काबू पाने के उपाय नहीं समझ में आए तो पीडब्ल्यूडी व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जल रिसाव रोकने के लिए बुलाया गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कुंड के निर्माण में की गई कमी को बताया। यह भी कहा कि जल रिसाव नहीं रोका जा सकता है क्योंकि कुंड के भीतर पर्याप्त पानी भरा है। कुंड के नीचे की सतह मजबूत नहीं है। ऐसी हालत में किसी न किसी स्थान से जल रिसाव होना स्वाभाविक है।
बढ़ सकतीं मुश्किलें
27 अक्तूबर को देवी प्रतिमाओं की विसर्जन शोभा यात्रा निकलेगी। कोर्ट ने गोमती नदी में प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगाई है। कुंड से हो रहे जल रिसाव का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो प्रतिमाओं के विसर्जन के वक्त पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं रहेगा। इससे प्रतिमाओं के विसर्जन में समिति के पदाधिकारियों को दिक्कत आ सकती है। तीन अक्तूबर से कुंड के निर्माण का कार्य चल रहा है।