{"_id":"6574bf2da997194f9e0ac495","slug":"lakshmi-became-the-winner-in-debate-competition-sultanpur-news-c-103-1-slko1047-6531-2023-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: वाद-विवाद प्रतियोगिता में लक्ष्मी बनीं विजेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: वाद-विवाद प्रतियोगिता में लक्ष्मी बनीं विजेता
Sun, 10 Dec 2023 12:55 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 10 Dec 2023 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में शनिवार को वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। यह प्रतियोगिता परमाणु कक्षाओं में संकरण विषय पर हुई। इसमें बीएससी प्रथम सेमेस्टर की लक्ष्मी विजेता बनीं। साकिब द्वितीय व सत्यम तृतीय स्थान पर रहे। विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्कर प्रताप तिवारी निर्णायक रहे।
प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में कालेज के विद्यार्थी प्रशांत, आलोक, प्रिया, सोनम, सृष्टि व श्रेया ने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्कर प्रताप तिवारी ने कहा कि प्रसिद्ध रसायन विज्ञानी पालिंग ने परमाणु रसायन का उपयोग करके मेथेन जैसे सरल अणुओं से पहली बार संकरण सिद्धांत का विकास किया।
बीएससी की छात्रा लक्ष्मी ने कहा कि संकरण को दो परमाणु कक्षकों को एक समान ऊर्जा स्तरों के साथ मिश्रित करने पर नए प्रकार के कक्षक प्राप्त होने की अवधारणा के रूप में परिभाषित किया गया है। प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संचालन ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम में कालेज के विद्यार्थी प्रशांत, आलोक, प्रिया, सोनम, सृष्टि व श्रेया ने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्कर प्रताप तिवारी ने कहा कि प्रसिद्ध रसायन विज्ञानी पालिंग ने परमाणु रसायन का उपयोग करके मेथेन जैसे सरल अणुओं से पहली बार संकरण सिद्धांत का विकास किया।
विज्ञापन
बीएससी की छात्रा लक्ष्मी ने कहा कि संकरण को दो परमाणु कक्षकों को एक समान ऊर्जा स्तरों के साथ मिश्रित करने पर नए प्रकार के कक्षक प्राप्त होने की अवधारणा के रूप में परिभाषित किया गया है। प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। संचालन ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह ने किया।
विज्ञापन