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करौंदीकलां में उबटन लगाने की परंपरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Mar 2016 09:27 PM IST
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होली की परंपरा
- फोटो : अमर उजाला
प्राचीन काल से होली की पूर्व संध्या पर चली आ रही बुकवा (उबटन) लगाने की परंपरा आज भी जीवित है। क्षेत्र के अमनाइकपुर गांव में मंगलवार को आयोजित सामूहिक कार्यक्रम में बच्चों को उबटन लगाया गया।
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क्षेत्र में होली की पूर्व संध्या पर बुकवा लगाने की प्रथा का निर्वहन उल्लास के साथ होता है। मंगलवार को अमनाइकपुर गांव के एक बाग में ग्राम प्रधान नीलम मिश्र की अगुवाई में लोग एकत्र हुए। एक बड़े थाल में सरसों से बना उबटन व तेल रखा गया। फगुआ गीतों के बीच सबसे पहले उबटन लगाने का नंबर बच्चों का आता है। गांव के सभी छोटे बच्चों को बच्चियां सरसों से बने उबटन लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती है।
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उबटन लगवाने के बाद बच्चियों को उपहार दिया गया। बच्चों के बाद वयस्क व बुजुर्ग भी इसमें शामिल हुए। बुकवा से निकली मैल को लोग होलिका दहन के समय लोग आग में डालते हैं। कार्यक्रम के अंत में गांव के महेंद्र मिश्र के तत्वावधान में उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया।
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