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Sultanpur News: पेट्रोल पंप की मदद मिलने से ढर्रे पर आ गया कारगिल शहीद मान सिंह का परिवार
Sat, 27 Jul 2024 03:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 27 Jul 2024 03:36 AM IST
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गोसाईगंज (सुल्तानपुर)। कारगिल युद्ध में बलिदान हुए जिले के थल सेना के लांसनायक मान सिंह यादव के परिवार को पेट्रोल पंप की मदद मिलने से परिजनों का जीवन ढर्रे पर आ गया है। बलिदानी की एक बेटी चिकित्सक बन गई और दो बेटियां प्रतियोगी परीक्षा की तैयारियां कर रही हैं। बेटी व उनकी पत्नी पेट्रोल पंप का संचालन करवा रही हैं।
कारगिल विजय दिवस के मौके पर युद्ध में अपनी जान की बाजी लगा देने वालों की याद ताजा हो जाती है। ऐसे ही रहे जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के हयातनगर गांव निवासी मान सिंह यादव। सेना में जाने के जुनून में वह करीब 20 वर्ष की उम्र में ही भर्ती हो गए थे। उनके साहस को देखते हुए मान सिंह को कारगिल युद्ध में भेज दिया गया था। 14 साल वतन की सेवा करते हुए 24 जुलाई 1999 को वह बलिदान हो गए थे।
तत्कालीन केंद्र सरकार ने मान सिंह यादव के बलिदान पर गांव में उनके नाम तोरणद्वार, सड़क बनवाई थी। साथ ही एक जूनियर विद्यालय का नाम उनके नाम पर रख दिया था। इसके बाद परिवार की मदद के लिए एक पेट्रोल पंप मान सिंह यादव की पत्नी विद्या देवी के नाम दे दिया था। उनकी पत्नी की ओर से बंधुआकलां में पेट्रोल पंप का संचालन शुरू करते ही परिजनों का जीवन ढर्रे पर आ गया।
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मान सिंह की तीन संतानों में बड़ी बेटी डॉ. आरती यादव चिकित्सक बन चुकी हैं। विद्या देवी ने उनकी शादी कर दी, वहीं दोनों बेटियां ज्योति यादव व अर्चना यादव प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटी हैं। मान सिंह की पत्नी विद्या देवी का कहना है कि पुण्यतिथि पर गांव में बने समाधि स्थल पर तीनों बेटियां और वह जाती हैं। पुण्यतिथि पर याद ताजा हो जाती है।
विजय दिवस पर समाधि स्थल पर दी श्रद्धांजलि
कारगिल विजय दिवस पर शुक्रवार को मान सिंह के गांव हयातनगर में शहीद मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से संगठन के महासचिव उमाकांत पटेल के नेतृत्व व संरक्षक श्याम बहादुर यादव की मौजूदगी में उनकी समाधि स्थल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोगों ने उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। सभी ने उनके बलिदान को सराहा। इस मौके पर ट्रस्ट के सचिव कंसराज यादव, कैसर अली, विनोद यादव, रामभवन, मेंहदी, शैलेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।
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कारगिल विजय दिवस के मौके पर युद्ध में अपनी जान की बाजी लगा देने वालों की याद ताजा हो जाती है। ऐसे ही रहे जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के हयातनगर गांव निवासी मान सिंह यादव। सेना में जाने के जुनून में वह करीब 20 वर्ष की उम्र में ही भर्ती हो गए थे। उनके साहस को देखते हुए मान सिंह को कारगिल युद्ध में भेज दिया गया था। 14 साल वतन की सेवा करते हुए 24 जुलाई 1999 को वह बलिदान हो गए थे।
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तत्कालीन केंद्र सरकार ने मान सिंह यादव के बलिदान पर गांव में उनके नाम तोरणद्वार, सड़क बनवाई थी। साथ ही एक जूनियर विद्यालय का नाम उनके नाम पर रख दिया था। इसके बाद परिवार की मदद के लिए एक पेट्रोल पंप मान सिंह यादव की पत्नी विद्या देवी के नाम दे दिया था। उनकी पत्नी की ओर से बंधुआकलां में पेट्रोल पंप का संचालन शुरू करते ही परिजनों का जीवन ढर्रे पर आ गया।
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मान सिंह की तीन संतानों में बड़ी बेटी डॉ. आरती यादव चिकित्सक बन चुकी हैं। विद्या देवी ने उनकी शादी कर दी, वहीं दोनों बेटियां ज्योति यादव व अर्चना यादव प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटी हैं। मान सिंह की पत्नी विद्या देवी का कहना है कि पुण्यतिथि पर गांव में बने समाधि स्थल पर तीनों बेटियां और वह जाती हैं। पुण्यतिथि पर याद ताजा हो जाती है।
विजय दिवस पर समाधि स्थल पर दी श्रद्धांजलि
कारगिल विजय दिवस पर शुक्रवार को मान सिंह के गांव हयातनगर में शहीद मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से संगठन के महासचिव उमाकांत पटेल के नेतृत्व व संरक्षक श्याम बहादुर यादव की मौजूदगी में उनकी समाधि स्थल पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोगों ने उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। सभी ने उनके बलिदान को सराहा। इस मौके पर ट्रस्ट के सचिव कंसराज यादव, कैसर अली, विनोद यादव, रामभवन, मेंहदी, शैलेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।