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न्याय की जीत हुई : शिवकुमार
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Thu, 24 Sep 2015 10:25 PM IST
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सुल्तानपुर। प्रशिक्षण में 12 दिन अनुपस्थित रहने के आरोप में बर्खास्त किए गए प्रशिक्षु शिक्षक शिवकुमार पाठक की हाईकोर्ट की ओर बर्खास्तगी रद्द किए जाने की जानकारी मिलते ही प्रशिक्षु शिक्षक खुशी से झूम उठे। अन्य संगठनों ने भी कोर्ट के फैसले की सराहना की। शिवकुमार पाठक ने इसे न्याय की जीत बताया, कहा कि देशवासी सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें मजबूत न्याय पालिका एवं संविधान मिला है।
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शिवकुमार पाठक प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती, सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने एवं शिक्षामित्र संबंधी मुकदमों के याचिका कर्ता हैं। लंभुआ बीआरसी पर सैद्घांतिक प्रशिक्षण में 12 दिन की अनुपस्थिति पर बीएसए रमेश यादव ने शिवकुमार पाठक को बीते 13 अगस्त को बर्खास्त कर दिया था। शिवकुमार पाठक का कहना था कि उन्होंने खंड शिक्षाधिकारी से लिखित अनुमति लेकर ही प्रशिक्षण छोड़ा था। खंड शिक्षाधिकारी ने भी शिवकुमार पाठक के अवकाश लेकर जाने की बात स्वीकार की थी। बर्खास्तगी का आदेश मिलने के बाद मामले ने तूल पकड़ा तो शासन में खलबली मच गई। तमाम राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने शिवकुमार पाठक की बर्खास्तगी को सरकार के दबाव में जल्दबाजी में लिया गया कदम बताया था।
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इस मामले को लेकर बीते दिनों टीईटी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले प्रदेश के कई जिलों से आए प्रशिक्षु शिक्षकों ने तिकोनिया पार्क में धरना-प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शन के बाद बीएसए कार्यालय का घेराव कर बहाल न किए जाने पर प्रदेश व्यापी आंदोलन की चेतावनी दी थी। बीएसए की ओर से बहाल न किए जाने पर शिवकुमार पाक ने कोर्ट की शरण ली थी। गुरुवार को हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर शासन एवं बीएसए से जवाब तलब किया है।
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