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धान खरीद सुस्त, जनता दर्शन व तहसील दिवस ठप
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सुल्तानपुर। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना से जनता दर्शन, तहसील व थाना संपूर्ण समाधान दिवस ठप हो गया है। जिलाधिकारी, एसपी व सीडीओ की ओर से कभी-कभी कार्यालयों में शिकायतों की सुनवाई की जा रही है। चुनाव से मनरेगा व धान खरीद के कार्य में भी कमी आई है। नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।
चुनाव शुरू होने से पहले मनरेगा से कराए जा रहे विभिन्न कार्यों में करीब 30 हजार जॉब कार्डधारक कार्य कर रहे थे। चुनाव शुरू होते ही मनरेगा में कार्य करने वाले जॉब कार्डधारकों की संख्या घटकर करीब 25 हजार हो गई है। इसके साथ ही धान खरीद पर भी असर पड़ा है। शासन ने क्रय केंद्रों पर 28 फरवरी तक धान खरीद का निर्देश दिया है लेकिन पीसीएफ के अधिकारियों ने खरीद नहीं होने का हवाला देते हुए कई क्रय केंद्र बंद कर दिए हैं। अन्य केंद्रों पर भी धान खरीद में कमी आई है। लोक निर्माण विभाग, आरईएस, ग्रामपंचायत व क्षेत्र पंचायत समेत अन्य विभागों में पूर्व से स्वीकृत कार्यों पर काम चल रहा है। नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।
चुनाव की अधिसूचना से तहसीलों पर पहले व तीसरे शनिवार को आयोजित होने वाला तहसील संपूर्ण समाधान दिवस व दूसरे व चौथे शनिवार को आयोजित होने वाला थाना दिवस बंद कर दिया गया है। चुनाव की वजह से अधिकांश अधिकारियों का जनता दर्शन भी ठप हो गया है। कभी-कभी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक व मुख्य विकास अधिकारी की ओर से कार्यालयों में बैठकर कुछ देर जनता के शिकायतों की सुनवाई की जा रही है। हालांकि साधारण मामलों के निस्तारण में कमी आई है। मतदान तक यह स्थिति बनी रहने के आसार हैं।
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जिलाधिकारी रवीश गुप्ता का कहना है कि चुुनाव कार्यक्रम प्राथमिकता पर है। समय मिलने पर कार्यालयों में बैठकर शिकायतों की सुनवाई की जा रही है। अन्य अधिकारी भी समय मिलने पर शिकायतों की सुनवाई करके समस्याओं का समाधान करा रहे हैं। पीड़ितों की समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।
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चुनाव शुरू होने से पहले मनरेगा से कराए जा रहे विभिन्न कार्यों में करीब 30 हजार जॉब कार्डधारक कार्य कर रहे थे। चुनाव शुरू होते ही मनरेगा में कार्य करने वाले जॉब कार्डधारकों की संख्या घटकर करीब 25 हजार हो गई है। इसके साथ ही धान खरीद पर भी असर पड़ा है। शासन ने क्रय केंद्रों पर 28 फरवरी तक धान खरीद का निर्देश दिया है लेकिन पीसीएफ के अधिकारियों ने खरीद नहीं होने का हवाला देते हुए कई क्रय केंद्र बंद कर दिए हैं। अन्य केंद्रों पर भी धान खरीद में कमी आई है। लोक निर्माण विभाग, आरईएस, ग्रामपंचायत व क्षेत्र पंचायत समेत अन्य विभागों में पूर्व से स्वीकृत कार्यों पर काम चल रहा है। नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।
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चुनाव की अधिसूचना से तहसीलों पर पहले व तीसरे शनिवार को आयोजित होने वाला तहसील संपूर्ण समाधान दिवस व दूसरे व चौथे शनिवार को आयोजित होने वाला थाना दिवस बंद कर दिया गया है। चुनाव की वजह से अधिकांश अधिकारियों का जनता दर्शन भी ठप हो गया है। कभी-कभी जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक व मुख्य विकास अधिकारी की ओर से कार्यालयों में बैठकर कुछ देर जनता के शिकायतों की सुनवाई की जा रही है। हालांकि साधारण मामलों के निस्तारण में कमी आई है। मतदान तक यह स्थिति बनी रहने के आसार हैं।
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जिलाधिकारी रवीश गुप्ता का कहना है कि चुुनाव कार्यक्रम प्राथमिकता पर है। समय मिलने पर कार्यालयों में बैठकर शिकायतों की सुनवाई की जा रही है। अन्य अधिकारी भी समय मिलने पर शिकायतों की सुनवाई करके समस्याओं का समाधान करा रहे हैं। पीड़ितों की समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।