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तफ्तीश के नाम पर जांच अधिकारी ने किया खेल, सस्पेंड
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सुल्तानपुर। एक सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज में नियुक्ति के मामले में दर्ज मुकदमे की तफ्तीश में जांच अधिकारी ने खेल कर दिया। पहले तो सीओ ने दर्ज मुकदमे में भ्रष्टाचार के मामले को ही सही नहीं माना।
फिर, सब इंस्पेक्टर ने जांच के दौरान मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में प्रेषित कर दिया। मामले की शिकायत एडीजी (जोन) से हुई तो जिले के पुलिस अफसर के होश उड़ गए।
सब इंस्पेक्टर को निलंबित करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मामला स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज से जुड़ा है।
करीब ढाई साल पहले एक जनवरी 2017 को विद्यालय में हुई नियुक्ति के मामले में वैनी गांव निवासी अनूप कुमार पांडेय ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि नियुक्ति में शासनादेश का पालन नहीं किया गया था।
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इस मामले की जांच तत्कालीन सीओ दलबीर सिंह यादव को सौंपी गई थी। पहले तो सीओ ने दर्ज मुकदमे की जांच में भ्रष्टाचार से ही इंकार करते हुए धारा 13 डी हटा दी थी।
उसके बाद मामले की जांच यहां तैनात सब इंस्पेक्टर हवलदार यादव को सौंपी गई। जांच अधिकारी हवलदार यादव ने बीते पांच जुलाई को मुकदमे में एफआर लगा दी। पुलिस की यह रिपोर्ट कोर्ट में प्रेषित कर दी गई।
वादी मुकदमा अनूप कुमार पांडेय ने इसकी शिकायत एडीजी (जोन) से की। एडीजी ने एसपी को मामले की गंभीरता देख कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। एडीजी के आदेश के बाद अफसरों ने मामले में शिकायतकर्ता से भी बात की और बिंदुवार लिखित शिकायत मांगी।
पूरे प्रकरण में सब इंस्पेक्टर की तफ्तीश को संदिग्ध माना गया। इस पर एसपी ने जांच अधिकारी व कोतवाली देहात में तैनात सब इंस्पेक्टर हवलदार यादव को निलंबित कर दिया है। एसपी के पीआरओ शिव कुमार ने बताया कि एसआई हवलदार यादव को विवेचना में लापरवाही बरतने की वजह से निलंबित कर दिया गया है।
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फिर, सब इंस्पेक्टर ने जांच के दौरान मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाकर कोर्ट में प्रेषित कर दिया। मामले की शिकायत एडीजी (जोन) से हुई तो जिले के पुलिस अफसर के होश उड़ गए।
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सब इंस्पेक्टर को निलंबित करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मामला स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज से जुड़ा है।
करीब ढाई साल पहले एक जनवरी 2017 को विद्यालय में हुई नियुक्ति के मामले में वैनी गांव निवासी अनूप कुमार पांडेय ने मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि नियुक्ति में शासनादेश का पालन नहीं किया गया था।
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इस मामले की जांच तत्कालीन सीओ दलबीर सिंह यादव को सौंपी गई थी। पहले तो सीओ ने दर्ज मुकदमे की जांच में भ्रष्टाचार से ही इंकार करते हुए धारा 13 डी हटा दी थी।
उसके बाद मामले की जांच यहां तैनात सब इंस्पेक्टर हवलदार यादव को सौंपी गई। जांच अधिकारी हवलदार यादव ने बीते पांच जुलाई को मुकदमे में एफआर लगा दी। पुलिस की यह रिपोर्ट कोर्ट में प्रेषित कर दी गई।
वादी मुकदमा अनूप कुमार पांडेय ने इसकी शिकायत एडीजी (जोन) से की। एडीजी ने एसपी को मामले की गंभीरता देख कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। एडीजी के आदेश के बाद अफसरों ने मामले में शिकायतकर्ता से भी बात की और बिंदुवार लिखित शिकायत मांगी।
पूरे प्रकरण में सब इंस्पेक्टर की तफ्तीश को संदिग्ध माना गया। इस पर एसपी ने जांच अधिकारी व कोतवाली देहात में तैनात सब इंस्पेक्टर हवलदार यादव को निलंबित कर दिया है। एसपी के पीआरओ शिव कुमार ने बताया कि एसआई हवलदार यादव को विवेचना में लापरवाही बरतने की वजह से निलंबित कर दिया गया है।