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भारतीय ज्ञान परंपरा हमारी समृद्ध विरासत: डॉ. शिवलोचन
Mon, 05 May 2025 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Mon, 05 May 2025 12:12 AM IST
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सुल्तानपुर। केएनआईपीएसएस के संस्कृत विभाग के तत्वावधान में बाबू केएन सिंह स्मृति व्याख्यानमाला के अंतर्गत ऑनलाइन संगोष्ठी आयोजित की गयी। भारतीय ज्ञान परंपरा एवं समकालीन संदर्भ शीर्षक पर बोलते हुए मुख्य वक्ता बीएचयू के डॉ. शिवलोचन शांडिल्य ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा त्याग की रही है।
शुभारम्भ करते हुए डॉ. सर्वेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशेष बल दे रही है और उसे शिक्षा मंत्रालय ने एक प्रभाग का दर्जा दे दिया है। बीएचयू के हिंदी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. प्रीति त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय मनीषियों में आत्मप्रकाशन की जगह आत्मगोपन की प्रवृत्ति रही है। उपप्राचार्य प्रो. राधेश्याम सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता और उसके त्वरित गति से विस्मृत हो जाने के कारणों के बारे मे बताया। संस्कृत विभागाध्यक्ष वंदना सिंह ने बताया कि प्राचीन भारत की ज्ञान प्रणाली और दर्शन का अत्यंत व्यापक और समृद्धि इतिहास रहा है।
संगोष्ठी में आइक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ) निदेशक प्रो. प्रवीण सिंह, प्रो रंजना सिंह, प्रो. प्रतिमा सिंह, डॉ. सुनीता राय, डॉ. पवन कुमार रावत, डॉ. कुलदीपक पांडेय, डॉ. नीतू सिंह, मरियम खान, जयवीर व अंशिका समेत 62 छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
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शुभारम्भ करते हुए डॉ. सर्वेश कुमार ने कहा कि वर्तमान में सरकार भारतीय ज्ञान परंपरा पर विशेष बल दे रही है और उसे शिक्षा मंत्रालय ने एक प्रभाग का दर्जा दे दिया है। बीएचयू के हिंदी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. प्रीति त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय मनीषियों में आत्मप्रकाशन की जगह आत्मगोपन की प्रवृत्ति रही है। उपप्राचार्य प्रो. राधेश्याम सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता और उसके त्वरित गति से विस्मृत हो जाने के कारणों के बारे मे बताया। संस्कृत विभागाध्यक्ष वंदना सिंह ने बताया कि प्राचीन भारत की ज्ञान प्रणाली और दर्शन का अत्यंत व्यापक और समृद्धि इतिहास रहा है।
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संगोष्ठी में आइक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ) निदेशक प्रो. प्रवीण सिंह, प्रो रंजना सिंह, प्रो. प्रतिमा सिंह, डॉ. सुनीता राय, डॉ. पवन कुमार रावत, डॉ. कुलदीपक पांडेय, डॉ. नीतू सिंह, मरियम खान, जयवीर व अंशिका समेत 62 छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
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