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Sultanpur News: चक्रवात अर्नब का असर, 17.8 मिमी बारिश से खेतों में बिछी धान और गन्ने की फसल
Sat, 31 Oct 2026 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:15 AM IST
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कूरेभार क्षेत्र में गिरी धान की फसल। संवाद
सुल्तानपुर। चक्रवात अर्नब के असर से शुक्रवार को जिले में भोर से शुरू हुई बारिश देर शाम तक जारी रही। हवा के साथ लगातार हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खेतों में काटकर रखी गई धान की फसल भीग गई जबकि पककर तैयार खड़ी फसल खेतों में गिर गई।
गन्ने की फसल भी धराशायी हो गई। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कटाई-मड़ाई के साथ रबी फसलों की बोआई का काम भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले में 17.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात के असर से बुधवार से ही मौसम का मिजाज बदलने लगा था। बृहस्पतिवार को दिनभर बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई। शुक्रवार भोर करीब चार बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। भदैंया क्षेत्र के अभियाकला, अभियाखुर्द, शंकरपुर, जगदीशपुर, बदरुद्दीनपुर, बरुई, पखरौली और धरौली गांवों में खेतों में कटा धान भीग गया। किसानों अनुपम, जयप्रकाश, महावीर, घनश्याम, हनुमान प्रसाद और गया प्रसाद ने बताया कि मौसम साफ नहीं हुआ तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
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किसान दयाराम ने बताया कि उन्होंने दो बीघे धान की कटाई कर फसल खेत में सुखाने के लिए फैलाई थी। बारिश की चेतावनी पर उसे बांधकर एक जगह इकट्ठा कर दिया था, लेकिन शुक्रवार को पूरी फसल भीग गई। अब धान के सड़ने और दाने की गुणवत्ता खराब होने का डर है। किसान संतोष सिंह की पांच बीघे खड़ी धान की फसल बारिश से खेत में गिर गई। इससे कटाई-मड़ाई का काम रुक गया।
किसान रवि यादव ने बताया कि बारिश से गन्ने की फसल भी गिर गई है। इससे उसका वजन घटने के साथ कटाई और छिलाई में मजदूरी का खर्च बढ़ेगा। शंकरपुर के किसान रामनरायन यादव का 10 बीघा और श्रीराम यादव का आठ बीघा कटा धान खेत में भीग रहा है। बारिश के कारण सरसों, मसूर, चना, मटर और आलू की बोआई भी प्रभावित हुई है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि मशीन से कटे धान को बारिश के बाद सुखाने में दिक्कत होगी। नमी अधिक रहने से धान खराब हो सकता है और चावल का रंग काला पड़ने की आशंका है। बारिश के कारण रबी फसलों की बोआई भी पिछड़ सकती है।
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72 घंटे में सूचना दें बीमित किसान, मिलेगा मुआवजा
जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ल ने बताया कि खेतों में कटी धान की फसल में पानी भरने से किसानों को नुकसान हो सकता है। प्रभावित किसानों के नुकसान का राजस्व विभाग से आकलन कराया जाएगा। इसके आधार पर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई होगी। उन्होंने बीमित किसानों से फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज कराने की अपील की है।
इनसेट-- -- -- -- - -- -- -
बारिश से बाजारों में पसरा सन्नाटा
लंभुआ। बेमौसम बारिश के कारण शुक्रवार को बाजारों में चहल-पहल कम रही। दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंचे। लगातार बारिश से मौसम ठंडा होने के कारण बुजुर्ग और बीमार लोग घरों में ही रहे। बाजार की नालियां उफनाने से राहगीरों को भी परेशानी हुई। बृहस्पतिवार से शुरू हुई बूंदाबांदी शुक्रवार को दिनभर जारी रही।
भीगते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे
सुल्तानपुर। चक्रवात अर्नब को लेकर अलर्ट जारी होने के बावजूद शुक्रवार को विद्यालय खुले रहे। सुबह बारिश के बीच बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचे। दिनभर बारिश होने से छुट्टी के समय भी परिषदीय और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को परेशानी हुई। कई बच्चे भीगते हुए घर लौटे। अभिभावकों ने खराब मौसम में विद्यालयों का संचालन जारी रहने पर चिंता जताई।
शनिवार से मौसम साफ होने की संभावना
मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल के अनुसार, शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति पांच से 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही। कुल 17.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। उन्होंने बताया कि शनिवार से मौसम साफ रहने की संभावना है। इससे खेतों में भीगी धान की फसल को सुखाने में किसानों को राहत मिल सकती है।
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गन्ने की फसल भी धराशायी हो गई। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कटाई-मड़ाई के साथ रबी फसलों की बोआई का काम भी प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले में 17.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात के असर से बुधवार से ही मौसम का मिजाज बदलने लगा था। बृहस्पतिवार को दिनभर बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई। शुक्रवार भोर करीब चार बजे से तेज बारिश शुरू हो गई। भदैंया क्षेत्र के अभियाकला, अभियाखुर्द, शंकरपुर, जगदीशपुर, बदरुद्दीनपुर, बरुई, पखरौली और धरौली गांवों में खेतों में कटा धान भीग गया। किसानों अनुपम, जयप्रकाश, महावीर, घनश्याम, हनुमान प्रसाद और गया प्रसाद ने बताया कि मौसम साफ नहीं हुआ तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है।
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किसान दयाराम ने बताया कि उन्होंने दो बीघे धान की कटाई कर फसल खेत में सुखाने के लिए फैलाई थी। बारिश की चेतावनी पर उसे बांधकर एक जगह इकट्ठा कर दिया था, लेकिन शुक्रवार को पूरी फसल भीग गई। अब धान के सड़ने और दाने की गुणवत्ता खराब होने का डर है। किसान संतोष सिंह की पांच बीघे खड़ी धान की फसल बारिश से खेत में गिर गई। इससे कटाई-मड़ाई का काम रुक गया।
किसान रवि यादव ने बताया कि बारिश से गन्ने की फसल भी गिर गई है। इससे उसका वजन घटने के साथ कटाई और छिलाई में मजदूरी का खर्च बढ़ेगा। शंकरपुर के किसान रामनरायन यादव का 10 बीघा और श्रीराम यादव का आठ बीघा कटा धान खेत में भीग रहा है। बारिश के कारण सरसों, मसूर, चना, मटर और आलू की बोआई भी प्रभावित हुई है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि मशीन से कटे धान को बारिश के बाद सुखाने में दिक्कत होगी। नमी अधिक रहने से धान खराब हो सकता है और चावल का रंग काला पड़ने की आशंका है। बारिश के कारण रबी फसलों की बोआई भी पिछड़ सकती है।
72 घंटे में सूचना दें बीमित किसान, मिलेगा मुआवजा
जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ल ने बताया कि खेतों में कटी धान की फसल में पानी भरने से किसानों को नुकसान हो सकता है। प्रभावित किसानों के नुकसान का राजस्व विभाग से आकलन कराया जाएगा। इसके आधार पर नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई होगी। उन्होंने बीमित किसानों से फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज कराने की अपील की है।
इनसेट
बारिश से बाजारों में पसरा सन्नाटा
लंभुआ। बेमौसम बारिश के कारण शुक्रवार को बाजारों में चहल-पहल कम रही। दुकानों पर ग्राहक नहीं पहुंचे। लगातार बारिश से मौसम ठंडा होने के कारण बुजुर्ग और बीमार लोग घरों में ही रहे। बाजार की नालियां उफनाने से राहगीरों को भी परेशानी हुई। बृहस्पतिवार से शुरू हुई बूंदाबांदी शुक्रवार को दिनभर जारी रही।
भीगते हुए स्कूल पहुंचे बच्चे
सुल्तानपुर। चक्रवात अर्नब को लेकर अलर्ट जारी होने के बावजूद शुक्रवार को विद्यालय खुले रहे। सुबह बारिश के बीच बच्चे भीगते हुए स्कूल पहुंचे। दिनभर बारिश होने से छुट्टी के समय भी परिषदीय और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को परेशानी हुई। कई बच्चे भीगते हुए घर लौटे। अभिभावकों ने खराब मौसम में विद्यालयों का संचालन जारी रहने पर चिंता जताई।
शनिवार से मौसम साफ होने की संभावना
मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल के अनुसार, शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति पांच से 10 किलोमीटर प्रति घंटा रही। कुल 17.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। उन्होंने बताया कि शनिवार से मौसम साफ रहने की संभावना है। इससे खेतों में भीगी धान की फसल को सुखाने में किसानों को राहत मिल सकती है।

कूरेभार क्षेत्र में गिरी धान की फसल। संवाद

कूरेभार क्षेत्र में गिरी धान की फसल। संवाद

कूरेभार क्षेत्र में गिरी धान की फसल। संवाद