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डग्गामार वाहन संचालकों से हो रही अवैध वसूली 

Tue, 22 Aug 2017 10:24 PM IST
Amarujala Bureau
Amarujala Bureau Updated Tue, 22 Aug 2017 10:24 PM IST
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Illegal taxation from vehicles
नहीं होती कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला

जिले में डग्गामार वाहनों से जमकर वसूली हो रही है। इसके लिए बस से लेकर अन्य वाहनों तक के रेट फिक्स हैं। प्राइवेट बस से प्रतिमाह पांच हजार जबकि टेंपो से दो हजार रुपये तक वसूला जाता है। डीएम आवास के समीप और तिकोनिया पार्क के पास खुलेआम डग्गामार वाहन सवारियां भरते हैं। डग्गामार वाहनों की वजह से प्रतिदिन शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। 

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 जिले भर से मुख्यालय आने वाले डग्गामार वाहनों की संख्या करीब दो सौ है। इनमें प्राइवेट बड़ी बस, छोटी बस, जीप, विक्रम, टेंपो हैं। शहर में रोडवेज, गोलाघाट और रेलवे स्टेशन के पास से सवारियों को भरने के लिए डग्गामार वाहनों को शहर में प्रवेश करना पड़ता है। एक अनुमान के मुताबिक रोडवेज को डग्गामार वाहनों की वजह से प्रतिमाह 25 लाख रुपये की आर्थिक चपत लगती है। 
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प्रति स्टैंड से फिक्स 18 हजार रुपये प्रतिमाह
शहर में छह टैक्सी स्टैंड हैं। इनमें गोलाघाट, बाधमंडी, गभड़िया, मालगोदाम, करौंदिया और राहुल चौराहा शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो यातायात पुलिस प्रति स्टैंड 18 हजार रुपये प्रति माह टैक्सी स्टैंड संचालक से वसूल करती है। 

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